बलरामपुर। जिले के 6133 किसानों से ही धान खरीद कर क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया। अब किसान धान बेचने के लिए भटक रहे हैं। ऐसा तब है जब जिला धान उत्पादन का बेल्ट माना जा रहा है और करीब डेढ़ लाख किसान धान का उत्पादन करते हैं। विभाग का दावा है कि धान खरीद का लक्ष्य करीब-करीब पूरा हो चुका है। इससे क्रय केंद्र बंद किए गए हैं, लेकिन मंडी समिति के क्रय केंद्र संचालित हैं।
इस बार शासन ने जिले में 40 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया था। विभागीय आकड़ों के अनुसार 12 फरवरी तक 39,067 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है जो लक्ष्य का 97.67 प्रतिशत है। धान बेचने के लिए 7905 किसानों ने ही ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, इसमें से 6133 किसानों का धान खरीदा जा चुका है। 5530 किसानों को 84.95 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। 603 किसानों के 8.37 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके बाद 38 धान क्रय केंद्रों पर तौल बंद कर दी गई है। समय से पहले धान खरीद बंद होने से किसान परेशान हैं। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद भी धान बेचने के लिए किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल बंद होने का फायदा आढ़ती उठा रहे हैं।
42 केंद्रों पर नवंबर से शुरू हुई थी धान खरीद
जिले में एक नवंबर से 42 क्रय केंद्रों पर धान तौल शुरू हुई थी। एक नवंबर से 28 फरवरी तक क्रय केंद्रों के संचालन की तिथि निर्धारित की गई थी। दो दिन पहले जिले के 38 क्रय केंद्रों पर अचानक बंद कर दी गई। जबकि मंडी समिति के छह क्रय केंद्र संचालित हैं। ऐसे में 38 क्रय केंद्रों पर पंजीकरण कराने वाले किसान अब धान बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं अधिकारी शासन स्तर से तौल बंद होने की बात कह कर बच रहे हैं।
1575 रुपये क्विंटल में बेचा धान
किसान सलाहुद्दीन ने बताया कि कौवापुर क्रय केंद्र पर उनका धान नहीं बिक पाया। पंजीकरण व सत्यापन के चक्कर में कई दिन तक सचिव ने दौड़ाया। पैसों की जरूरत थी, इसलिए 1575 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 20 क्विंटल धान आढ़ती को दे दिया।
आढ़ती को बेचना पड़ा धान
तुलसीपुर क्षेत्र के बदलपुर के किसान अशोक कुमार ने बताया कि नवंबर में क्रय केंद्राें पर बोरा व मशीन की व्यवस्था न होने से खरीद प्रभावित थी। कुछ दिन नेटवर्क की समस्या बनी रही। सरकारी क्रय केंद्र पर प्रभारी आए दिन दौड़ाते थे, ऐसे में 16 क्विंटल धान आढ़ती के हाथों बेच दिया।
आढ़तियों से धान खरीद भर स्टॉक भरने का आरोप
किसान नेता बृजेश विश्वकर्मा व पुत्तलाल तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर प्रभारियों ने आढ़तियों से धान खरीद कर स्टॉक भर लिया। आढ़तियों ने किसानों से सस्ते दामों पर धान खरीदकर केंद्र प्रभारियों को एमएसपी पर बेचकर खूब फायदा कमाया। वास्तविक किसान आज भी धान बेचने के लिए भटक रहे हैं। 28 फरवरी तक क्रय केंद्रों के संचालन की तिथि निर्धारित थी। समय से पहले तौल बंद करना किसानों के हित में नहीं है।
शासन स्तर से बंद हुई तौल
शासन स्तर से क्रय केंद्रों पर तौल बंद कर दी गई है। किसानों के धान न बिकने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी है। एक-दो दिन में तौल शुरू होने की उम्मीद है।
उमेश मणि त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी