बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सुमित कुमार प्रेमी ने अनुसूचित जाति की महिला से छेड़खानी करने वाले व्यक्ति को दोषी करार देते हुए दो वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायाधीश ने तीन सहयोगियों को भी एक-एक वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
उतरौला शहर की एक अनुसूचित जाति की महिला ने आठ जून 2015 को एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया था कि मोहल्ला आर्यनगर निवासी अक्षय कुमार, रामकरण, शत्रोहन व गौतम ने जातिसूचक गालियां दीं। मारपीट और छेड़खानी भी की। पुलिस ने एफआईआर दर्जकर जांच की और इसके बाद चारों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सत्र परीक्षण के दौरान विशेष लोक अभियोजक एससी/एसटी एक्ट विजय आर्या व रणधीर सिंह ने न्यायालय में आठ गवाहों को पेश करते हुए दोषियों को दंडित करने की दलील दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चारों को निर्दोष बताया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने शत्रोहन को महिला से छेड़खानी, मारपीट और जाति सूचक गाली देने का दोषी करार देते हुए दो साल की कैद व अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अक्षय, रामकरण व गौतम को मारपीट व जाति सूचक गालियां देने का दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष कैद व अर्थदंड से दंडित किया है।