बलरामपुर। उतरौला तहसील क्षेत्र में 10 से 12 घंटे की बिजली कटौती होने से हाहाकार मचा हुआ है। बिजली कटौती के कारण तमाम लघु उद्योग धंधे बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। रात के समय बिजली कटौती के कारण लोग घर के बाहर सड़क पर रात बिताने को विवश हैं। उमस भरी गर्मी में बेतहाशा बिजली कटौती से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नगरवासियों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से बिजली कटौती में सुधार की मांग की है। यदि बिजली कटौती बंद नहीं की गई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी नगरवासियों ने दी है।
नगरवासी बब्बू मलिक, रिजवान, विनोद, नसीम, पिंटू, दीपक, जुनैद, राजू, आलोक आदि का कहना है कि तहसील क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। लोकल फाल्ट के नाम पर 10 से 12 घंटे की बिजली कटौती की जाती है। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती होने से नगरवासियों का बुरा हाल है।
क्षेत्र में चल रहे कई लघु उद्योग बेतहाशा हो रही बिजली कटौती के कारण बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। दिनभर मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग बिजली कटौती के कारण घर में सोने के बजाय रात सड़क पर बिताने को विवश हैं। कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
विभागीय उदासीनता व लापरवाही के कारण नगरवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन लोगों ने पावर कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों से अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि बिजली कटौती में सुधार नहीं हुआ तो हम लोग उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता ललित कुमार ने बताया कि उतरौला तहसील के लोगों ने बिजली की भारी कटौती के बारे में शिकायत की है। तहसील क्षेत्र में तैनात एक्सईएन व अन्य अभियंताओं को बिजली की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया गया है। दोबारा शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।