उतरौला। नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। विरोध के चलते तहसील परिसर और उपनिबंधक कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा तथा पूरे दिन एक भी बैनामा पंजीकृत नहीं हो सका।
अधिवक्ता संघ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर तहसील परिसर में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं और अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। महामंत्री रविशंकर मिश्र ने कहा कि ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि नामांतरण के प्रकरण सीधे लेखपाल के पास भेजे जाने की व्यवस्था से अधिवक्ताओं के साथ आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। अधिवक्ता देवेंद्र कुमार, शकील अहमद, जयकरन भारती और अखिलेश सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि पर्याप्त तैयारी के बिना ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने से समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ेंगी। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
बैठक में मो. मुस्लिम खान, गिरीश पांडेय, महेंद्र पांडेय, आशीष कसौधन, निजाम अंसारी, अखिलेश यादव, सुरेंद्र श्रीवास्तव, सुमित कुमार, इजहारुल हसन, परशुराम यादव, शमशाद चौधरी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।