बलरामपुर। झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ कांड थाना क्षेत्र में फर्जीवाड़े के प्रकरण में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शहर निवासी आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की है। कोतवाली क्षेत्र के भगवतीगंज निवासी अमित सिंह उर्फ प्रदीप शर्मा पुत्र घनश्याम शर्मा ने झारखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े कई वित्तीय लेनदेन किए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपी अमित सिंह उर्फ प्रदीप शर्मा के खिलाफ वर्ष 2019 में झारखंड के बालूमाथ कांड थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। उस पर फर्जीवाड़ा कर धन हड़पने का आरोप है। आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे आर्थिक लेनदेन में धोखाधड़ी की थी और लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया था। मामले की सुनवाई झारखंड के स्थानीय न्यायालय में चल रही थी, लेकिन बार-बार नोटिस और गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ। न्यायालय की बार-बार की चेतावनियों को भी उसने नजरअंदाज कर दिया। इस पर बालूमाथ न्यायालय ने आरोपी की संपत्तियों की कुर्की का आदेश जारी किया, जिसके अनुपालन में बालूमाथ थाना प्रभारी विष्णु कुमार ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दोनों राज्यों की पुलिस समन्वय स्थापित कर रही है। बलरामपुर पुलिस को भी आरोपी के बैंक लेनदेन, संपत्तियों और संपर्क सूत्रों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। नगर के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अमित सिंह उर्फ प्रदीप शर्मा के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच फिर से सक्रिय की जा रही है। झारखंड पुलिस से समन्वय स्थापित कर जानकारी साझा की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी झारखंड में कारोबार करता था। कई लोगों से साझेदारी में उसने निवेश के नाम पर रकम ली, जिसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी के विरुद्ध दोनों राज्यों की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई संभव है। कुर्की प्रक्रिया पूरी होते ही आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस बीच, बलरामपुर में आरोपी के घर और उसके पुराने संपर्कों की भी जांच की जा रही है।