सीएमओ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जिले में संचालित उम्मीद परियोजना की सक्रिय समिति की बैठक सोमवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में हुई। बैठक में उम्मीद परियोजना के उद्देश्यों व कार्य प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने कहा कि उम्मीद परियोजना का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन व मातृ शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। सीएमओ ने कहा कि जिले में परिवार नियोजन साधनों की पूरक मांग, सकल प्रजनन दर, आधुनिक गर्भनिरोधक प्रसार दर (एमसीपीआर) व बाल विवाह सहित अन्य संकेतकों में अभी और सुधार की आवश्यकता है। इन संकेतकों के सुधार में उम्मीद परियोजना सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि बलबीर सिंह ने बताया कि उनकी संस्था मोबिउस फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से जिले के पांच ब्लॉकों में उम्मीद परियोजना संचालित कर रही है। इसके तहत चयनित स्वास्थ्य इकाइयों में काउंसलिंग काॅर्नर की स्थापना, आशा व एएनएम का प्रशिक्षण एवं उनकी क्षमता वृद्धि के साथ-साथ विभागीय समन्वय से परिवार कल्याण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से गुणवत्तापरक परिवार नियोजन सेवाओं का विस्तार करना है।
बताया कि उम्मीद परियोजना के तहत सामाजिक व्यवहार में बदलाव के तहत ‘इतनी भी क्या जल्दी है’ अभियान की शुरूआत की जाएगी। इस अभियान के माध्यम से सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, दो बच्चों के बीच अंतर व आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली के सही उपयोग की जानकारी लोगों को दी जाएगी। बैनर-पोस्टर व लघु फिल्मों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। मोबिउस फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रभात कुमार ने कहा कि उच्च प्रजनन दर वाले जनपदों में उम्मीद परियोजना का क्रियान्वयन काफी सफल रहा है।