बलरामपुर में पचपेड़वा में स्थित मदरसा दारूल उलूम फारूखिया मध्य नगर।-संवाद
बलरामपुर। मिड-डे मील (एमडीएम) घोटाले में तीन मदरसों के प्रधानाध्यापकों के साथ दो शिक्षकों और एक बाबू को निलंबित किया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि एमडीएम घपले में तीनों मदरसों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के नाम शामिल हैं। इसी के चलते कार्रवाई की गई है। साथ ही तीनों मदरसों की जांच की जा रही है।
जिन पर कार्रवाई हुई है उनमें मदरसा आयशा सिद्दीकी की प्रधानाचार्य परवीन फातिमा, मदरसा दारुल उलूम फारूखिया मध्य नगर के प्रधानाचार्य गुलाम गौसूलवारा, उसी मदरसे में सहायक अध्यापक नुरुल हुदा खान और वकील अहमद शामिल हैं। इसके अलावा मदरसा फज्ले रहमानिया के प्रधानाचार्य नरूला हासन खान और उसी संस्थान के परिचारक (बाबू) तौहीद को भी निलंबित कर दिया गया है।
एमडीएम सामग्री की खरीद, वितरण और उपभोग के मद में गड़बड़ी, भोज्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी और अभिलेखों में हेरफेर जैसे कई गंभीर बिंदुओं का विभागीय स्तर पर संज्ञान लिया गया। जांच टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
40 आरोपियों की तलाश : घोटाले के 40 नामित आरोपियों को पकड़ने के लिए आठ पुलिस टीमें लगातार छापा मार रही हैं। नगर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें कई स्थानों पर दबिश दे चुकी हैं, वहीं संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ आरोपी जिले से बाहर भागने की फिराक में थे, जिन पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
वहीं, विभागीय सूत्रों के मुताबिक दो दिनों में कई स्थानों पर छापा मारकर करीब आठ लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी पूछताछ में शामिल लोगों के घोटाले से जुड़े होने की पुष्टि नहीं की गई है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने बीएसए कार्यालय से 2016 से अब तक का पूरा ब्योरा मांगा है।