बलरामपुर। प्राथमिक स्कूलों में छात्रों को अब जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। ऑपरेशन कायाकल्प व प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बिजली से अब तक वंचित 131 विद्यालयों को भी रोशन किया जाएगा।
जिले में 1,814 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिनमें 1,165 प्राथमिक, 263 उच्च प्राथमिक व 386 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें से 649 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में बच्चों के पढ़ने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की गई है, लेकिन 1,165 स्कूलों में अब तक फर्नीचर उपलब्ध नहीं हैं। इससे करीब डेढ़ लाख बच्चे जमीन पर फर्श व दरी बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अब प्रदेश सरकार ने इन विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प व प्रोजेक्ट अलंकार के तहत फर्नीचर और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बजट जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल, शौचालय, हैंडवॉश यूनिट उपलब्ध कराने, बाउंड्रीवाॅल व जर्जर स्कूलों के मरम्मत आदि का काम कराया जाएगा।
131 विद्यालयों में पहुंचेगी बिजली
जिले में 131 विद्यालय ऐसे हैं जिनका अभी तक विद्युतिकरण नहीं किया गया है। जिससे वे बिजली से अछूते हैं। बिजली कनेक्शन न होने से छात्रों को गर्मी के मौसम में बिना पंखे के पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ता है। कई विद्यालयों के कक्षाओं में दिन में भी अंधेरा रहता है। शासन ने अब ऐसे विद्यालयों को रोशन करने का निर्देश दिया है। विद्युतिकरण के बाद सभी में लाइट व पंखे की व्यवस्था की जाएगी।
दूर होंगी छात्रों की समस्या
प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था हो जाने के बाद उन्हें फर्श पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। ऑपरेशन कायाकल्प व प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्कूलों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कराई जाएंगी।
- कल्पना देवी, बीएसए, बलरामपुर