बलरामपुर। सहालग का दौर शुरू हो गया है। शादी समारोह के लिए घर, स्टेज व मंडप सजाने के लिए फूलों की खरीदारी तेज हो गई है। गेंदा व गुलाब के फूलों का दाम बढ़ने से बाजार में आर्टिफिशियल (प्लास्टिक के फूल) फूल की डिमांड बढ़ गई है। बाजार में प्लास्टिक वाले गेंदा व गुलाब के फूलों की माला खूब खरीदी जा रही है।
सहालग शुरू होने से फूलों का बाजार महकने लगा है। आलम यह है कि बाजार में गेंदा व गुलाब के फूल नहीं मिल रहे हैं। व्यापारी लखनऊ व अन्य शहरों से फूल मंगवाकर ग्राहकों की बुकिंग कर रहे हैं। बाहर से सामान आने के कारण कीमत भी अधिक देनी पड़ रही है। फूलों के कारोबारी शादी वाले घरों में मांग के मुताबिक विभिन्न किस्म के फूलों की आपूर्ति कर रहे हैं। कार सजाने, सेहरा बनाने, जयमाल मंडप तैयार करने सहित अन्य साज-सज्जा के लिए इस समय गुलाब व गेंदा के फूलों की मांग बढ़ी है। मांग बढ़ने पर फूलों के दाम भी बढ़ गए हैं।
50 रुपये प्रतिकिलो तक हुई वृद्धि
नगर के गोंडा मार्ग पर नौशहरा मोहल्ले में फूल विक्रेता राजू ने बताया कि खरमास में जो गुलाब का फूल 270 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था। वहीं गुलाब इस समय 430 से 450 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसी तरह गेंदा के फूल में भी 50 रुपये प्रति किलोग्राम वृद्धि हुई है। दिसंबर में गेंदा का फूल 100 रुपये किलोग्राम में बिक रहा था। अब 150 रुपये में बेचा जा रहा है। इसी तरह विकास सैनी ने बताया कि कार सजावट में जो गुलाब फूल का इस्तेमाल होता है वह 700 रुपये बंडल में बिक रहा है। फूलों के दाम बढ़ने का प्रमुख कारण जिले में माल की कमी है। अधिकांश विक्रेता लखनऊ सहित अन्य जनपदों से फूल मंगवा रहे हैं।
किराया बढ़ने का दिखा असर
किराया-भाड़ा लगने के कारण दाम बढ़ गया है। कीमत बढ़ने तथा फूल आसानी से न मिलने के कारण अधिकांश लोग आर्टिफिशियल फूल खरीद रहे हैं। चूड़ी बाजार स्थित दुकानदार विपिन कसौधन व दीपक ने बताया कि प्लास्टिक वाले गेंदा के फूलों की माला 20 रुपये में बिक रही है। वहीं गुलाब का आर्टिफिशियल माला 35 रुपये में बेची जा रही है।