बलरामपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ के फरमान पर 15 जून से गैर राज्यों/जनपदों से अपने घर आने वाले 88,577 प्रवासी श्रमिकों के सपनों को पंख लगाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मनरेगा योजना के साथ अन्य विभागों में भी बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के अवसर दिलाने की तलाश शुरू की जा रही है। ट्रेंड व अनट्रेंड प्रवासी श्रमिकों को जिले में ही रोजगार दिलाने का खाका तैयार किया जा रहा है। सभी प्रकार के प्रवासी श्रमिकों का ब्योरा जुटा कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सीडीओ अमनदीप डुली ने बताया कि उन्होने सोमवार को विकास भवन दफ्तर में विभागीय अफसरों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठक कर अब तक गैर राज्यों/जनपदों से आने वाले करीब 88,577 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के संबंध में खाका तैयार किया है। डीसी मनरेगा महेन्द्र देव पांडेय ने शानदार प्रयास करके जिले में अब तक मनरेगा योजना से 60 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिलाकर उन्हें करीब 12 करोड़ रुपये तक मजदूरी का उनके बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान करा दिया है।
डीसी मनरेगा से रोजगार पाने वाले प्रवासी श्रमिकों का ब्योरा भी अलग से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह से जिला उद्यान अधिकारी लाल बहादुर मौर्य ने भी मनरेगा जॉबकार्ड वाले किसानों व प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने की दिशा में शानदार पहल की है। कृषि विभाग में उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह व जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार को निर्देश दिया गया है कि संस्थाओं के माध्यम से छोटे व मझोले प्रवासी किसानों को रोजगार दिलाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दें। पानी संस्थान की तरफ से प्रवासी श्रमिकों को कृषि के क्षेत्र में रोजगार दिलाने की पहल शुरू की गई है।
पानी संस्थान के अंबरीश सिंह व राजीव मिश्र ने बताया कि गैर राज्यों से आने वाले छोटे व मझोले 100 से 500 संख्या में किसानों का समूह बनाकर खेती किसानी से संबंधित रोजगार के अवसर दिलाए जाएंगे। प्रवासियों के महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी रोजगार दिलाया जाएगा। ट्रेंड व अनट्रेंड प्रवासी श्रमिकों का सेवायोजना कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराकर विभिन्न ट्रेडों में रोजगार दिलाए जाएंगे। सहायक रेशम अधिकारी सतीश चंद को कीट पालन के साथ फार्मों के बाउंड्रीवाल निर्माण व अन्य क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार की तलाश कराने का निर्देश दिया गया है। पशुपालन विभाग में भी प्रवासियों को रोजगार दिलाए जाएंगे। ईंट-भट्ठों पर भी प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के अवसर तलाशे जा रहे हैं।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि जिले के ऐसे विभागों के विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए खाका तैयार करें। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने अब तक 88,577 गैर राज्यों/जनपदों से जिले में आने वाले प्रवासी श्रमिकों का ब्योरा उपलब्ध करा दिया है। सीएम के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों को जिले में ही रोजगार दिलाने के लिए सीडीओ अमनदीप डुली को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 15 जून से ट्रेंड व अनट्रेंड सभी प्रवासी श्रमिकों को जिले में ही अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।