बलरामपुर। आगामी जनगणना 2027 के तहत जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सिटी मोंटेसरी इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय मकान गणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने किया।
प्रशिक्षण के दौरान डीएम ने चार्ज अधिकारी तहसीलदार अभिनव सिंह चौहान को निर्देशित किया कि दिव्यांग और महिला शिक्षकों को मकान गणना के कार्य के लिए उनके मूल विद्यालय के गांव में ही प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किया जाए। साथ ही, जहां शिक्षकों की संख्या अधिक हो, वहां उनकी ड्यूटी नजदीकी क्षेत्रों में लगाई जाए, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। डीएम ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक अभ्यास है और इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं का आधार बनते हैं। सभी प्रगणक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ कार्य करें।
खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पाठक ने बताया कि प्रशिक्षण में कुल 336 प्रगणकों को शामिल होना था, जिनमें से 327 उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशिक्षक सिद्धनाथ पांडेय और जीवन ज्योति यादव ने प्रगणकों को मकान सूचीकरण और गणना की प्रक्रिया का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। बताया कि प्रत्येक प्रगणक को निर्धारित प्रश्नावली में लाइन क्रमांक, भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या, फर्श, दीवार व छत की सामग्री, मकान के उपयोग की स्थिति, परिवार का विवरण, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम व लिंग आदि सूचनाएं सटीक रूप से दर्ज करनी होंगी। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रगणक फील्ड में जाकर मकान सूचीकरण का कार्य शुरू करेंगे। इस अवसर पर बीईओ सियाराम वर्मा, शिक्षक संतोष उपाध्याय, सौभाग्य पाठक, गिरिजा शंकर शुक्ल, ऋषिमुनि वर्मा, तान्या बाजपेयी आदि उपस्थित रहे।