बलरामपुर/महराजगंज तराई। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार न होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से लोगों में आक्रोश है। तुलसीपुर क्षेत्र में हरैया फीडर की आपूर्ति बाधित रहने से 40 गांवों में करीब 18 घंटे बिजली गुल रही। वहीं, नगर क्षेत्र में भी अलग-अलग कारणों से कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
तुलसीपुर विद्युत उपकेंद्र के हरैया फीडर की आपूर्ति बृहस्पतिवार शाम सात बजे बंद हुई और शुक्रवार दोपहर एक बजे बहाल हो सकी। इससे बदलपुर, उदईपुर, छतुवापुर, नेवासपुर, दुदुरा, खैरी-खैरा, जयशनडीह, कल्याणपुर, पिपरहवा, शंकरपुर, अर्जुनपुर, पूरनपुर, बनकटवा, नैकनिया, बेलीकला, मदरहवा, केवलपुर, बड़वा, कोहरौड़ा, अलाहडीह, भंगहाकला, बेलीखुर्द, सिकटिहवा, पंडितपुरवा, नंदमहरा, प्रेमनगर, लालनगर सिपहिया समेत 40 गांवों के उपभोक्ताओं को रातभर परेशानी उठानी पड़ी। उपभोक्ताओं अकील अहमद, उदयभान, शमशाद, पिंटू वर्मा और राम आधार मौर्य ने बताया कि हल्की बारिश और हवा चलते ही बिजली काट दी जाती है। शिकायत के लिए फोन करने पर अधिकारी और कर्मचारी फोन नहीं उठाते, जिससे कटौती का कारण और आपूर्ति बहाल होने की जानकारी नहीं मिल पाती।
नगर के पहलवारा मोहल्ले में पीपल तिराहे के पास नया एबीसी केबल लगाने के लिए शाम छह बजे तक बिजली बंद रही। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के पास 33 केवी केबल भूमिगत करने के कारण चार घंटे आपूर्ति बाधित रही। कलेक्ट्रेट मोड़ के पास एलटी जंफर खुलने से 50 घरों की बिजली बंद हो गई। उपभोक्ताओं योगेश चंद्र, अविनाश त्रिपाठी, शिवनंदन और मोहित ने बताया कि रोजाना पांच से आठ घंटे तक कटौती हो रही है।