फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: आंधी-बारिश से ठप हुई बिजली आपूर्ति

Mon, 22 Jun 2026 10:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
बलरामपुर में ट्रांसफार्मर ठीक करते कर्मी।
विज्ञापन
बलरामपुर। जिले में सोमवार दोपहर एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर एक बजे तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। आंधी के कारण पोल व तार गिरने से बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
विज्ञापन


जिले में कई दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। उमस व सूरज की तपिश से लोगों का जीना मुहाल हो गया था। सोमवार की अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली है। सोमवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज हवाएं चलने से 13 स्थानों पर विद्युत पोल गिर गए। वहीं 24 स्थानों पर जर्जर बिजली के तार टूट गए।

विद्युत पोल व तार गिरने से जिला मुख्यालय सहित 30 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। विद्युत विभाग के अनुसार स्टीम पावर हाउस व 132 बलरामपुर विद्युत उपकेंद्र से संबंधित कई क्षेत्रों में पोल गिरने की सूचना मिली है। सदर ब्लॉक क्षेत्र के हरबंशपुर, इब्राहिमपुर, देवरिया मुबारकपुर, ज्वालापुरवा, कटरा शंकरनगर, भीखमपुर, लुचुविया, देवरिया रानीजोत, हृदयनगर, राजघाट, लखाही, मिर्जापुर, कांदभारी भारी सहित 24 जगहों पर एलटी/एचटी लाइन के बिजली तार टूटने गए हैं।
विज्ञापन


इसी तरह 13 जगहों पर जर्जर खंभे भी टूट गए। इससे करीब तीन लाख आबादी को छह घंटे बिजली कटौती की समस्या झेलनी पड़ी। नगर के अशरफ अली, राहुल चौरसिया, बलराम चौरसिया, गोविंद व गणेश चौरसिया ने बताया कि साल भर विद्युत विभाग पोल व तार बदलने के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा करता है। हल्की हवाएं चलने से तार व पोल टूटकर गिर जाते हैं।


धान के बेड़न को मिली संजीवनी
रेहराबाजार क्षेत्र में बूंदाबांदी से गन्ना किसानों को राहत मिली है। धान के बेड़न को फायदा मिलेगा। किसान लोदई, बब्लू, रामकृपाल व नईम ने बताया कि गन्ना व धान के बेड़न को संजीवनी मिली है। गौरा चौराहा क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश होने से मौसम बदल गया। बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली। किसानों का सूख रहा गन्ना, भिंडी, तरोई, बोंडा, मिर्ची, लौकी और धान की पौध (नर्सरी) को पानी मिलने से पत्तियां खिल उठी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें