बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक सभागार में मौजूद पकड़े गए अभियुक्त।-
बलरामपुर। साइबर ठगी करने वाले दो अंतरराज्यीय आरोपियों को पुलिस ने दबोचा है। दोनों के पास से 60 हजार रुपये नकदी, चार मोबाइल व कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसपी विकास कुमार ने बृहस्पतिवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि फुलवरिया बाइपास विशुनापुर निवासी आनंद कुमार ने गत 25 अक्तूबर को तहरीर दी थी। कहा था कि उन्हें व उनके मित्र विनय तिवारी को फर्जी प्रपत्र देकर साइबर अपराधियों ने पोषण ट्रैकर एप से गर्भवती को छह हजार रुपये देने का झांसा दिया और उनके खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए। आनंद का बैंक खाता भी फ्रीज हो गया। साइबर अपराधियों ने इसी तरह से अजीत मोबाइल शॉप, मिश्रा सीएससी सेंटर व आराध्या मोबाइल शॉप भगवतीगंज से भी ठगी की।
एसपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाना बलरामपुर में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। एएसपी योगेश कुमार के नेतृत्व में सीओ यातायात डीके श्रीवास्तव व प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना आरपी यादव की टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। बृहस्पतिवार को बहादुरापुर पेट्रोल पंप के पास से सच्चिदानंद मंडल निवासी झिलुआ जगदीशपुर थाना बुढ़ई, जनपद देवघर झारखंड व दीपक वर्मा निवासी झूरीकुइंया थाना खरगूपुर जनपद गोंडा को गिरफ्तार कर लिया गया।
चार दुकानदारों से की थी 98,999 रुपये की ठगी
पूछताछ में सच्चिदानंद मंडल ने बताया कि उसके गांव झिलुआ जगदीशपुर के 20 लड़के साइबर ठगी करते हैं। मौसी की शादी दीपक वर्मा के गांव झूरीकुइंया में हुई है। मौसी के यहां जाने पर दीपक से दोस्ती हुई और उसने साइबर ठगी में शामिल कर लिया। दोनों ने मिलकर जिले के चार दुकानदारों से 98,999 रुपये की ठगी की है। दोनों दिसंबर, 2023 में झारखंड के साइबर थाना गिरीडीह में ठगी के मामले में जेल जा चुके हैं। झारखंड में अपराध करके बलरामपुर व बलरामपुर में अपराध करके झारखंड भाग जाते हैं। सच्चिदानंद व दीपक वर्मा के विरुद्ध झारखंड व बलरामपुर के साइबर थाने में ठगी के चार-चार मामले दर्ज हैं।