बलरामपुर। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) संयुक्त गश्त बढ़ाएंगे। रविवार शाम गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक राम कुमार ने कोयलाबास बॉर्डर का आकस्मिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सीमा पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन की सघन जांच करने के निर्देश दिए।
कोतवाली जरवा क्षेत्र के कोयलाबास बॉर्डर पर निरीक्षण के दौरान एडीजी ने एसएसबी के अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बैरियर, चेकिंग प्वाइंट, आवागमन रजिस्टर और निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति न दी जाए। मालवाहक वाहनों की भी सघन जांच की जाए, ताकि प्रतिबंधित सामग्री की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
तस्करी रोकने के लिए बढ़ेगी चौकसी
एडीजी ने अवैध मादक पदार्थों, वन्यजीवों, लकड़ी, खाद्यान्न और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और एसएसबी को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने रात के समय सीमा क्षेत्र में संयुक्त गश्त बढ़ाने और पगडंडियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
उन्होंने सीमा से सटे गांवों में ग्राम प्रधानों, चौकीदारों और ग्राम सुरक्षा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सूचनातंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया। कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान एडीजी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस और एसएसबी के जवानों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया और सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी तुलसीपुर अभय प्रताप मल्ल, कोतवाली जरवा के प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह सहित पुलिस और एसएसबी के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।