फाेटो-7- बलरामपुर के ग्राम पंचायत बूधीपुर में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ।-संवाद
रेहराबाजार। पर्यावरण संरक्षण और ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने की दिशा में विकास खंड रेहरा बाजार की ग्राम पंचायत बूधीपुर ने एक अनूठी पहल की है। स्वच्छ भारत मिशन (फेज-2) के तहत वर्ष 2024-25 में लगभग 16 लाख रुपये की लागत से स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट न केवल क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में मदद कर रहा है, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार और पंचायत को अतिरिक्त आय भी उपलब्ध करा रहा है।
प्लांट में विकास खंड की 81 ग्राम पंचायतों से एकत्रित निष्प्रयोज्य प्लास्टिक कचरा, जैसे पानी की बोतलें, शैंपू की बोतलें, डिब्बे और अन्य प्लास्टिक सामग्री लाई जाती है। सफाई कर्मचारी प्रत्येक माह करीब 4 से 5 क्विंटल प्लास्टिक कचरा एकत्र कर यहां पहुंचाते हैं। प्लांट में स्थापित डस्ट रिमूवर, हाइड्रोलिक रिमूवर और ट्विन शाफ्ट थ्रेसर मशीनों की मदद से प्लास्टिक को साफ कर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदला जाता है, जिससे उसका पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) आसान हो जाता है। इससे गांव के दो जरूरतमंद ग्रामीणों विनोद कुमार और फेरई, को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। इससे उन्हें रोजी-रोटी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। (संवाद)
पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बूधीपुर प्लांट
प्लास्टिक प्रदूषण आज बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में बूधीपुर का प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और पंचायत की आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बनकर उभर रहा है। यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो सकती है।
हर महीने 12 हजार से अधिक की आय
ग्राम प्रधान चंद्रावती, एडीओ पंचायत इरफान उल्ला खां व सचिव जितेंद्र यादव ने बताया कि प्लांट में तैयार किए गए प्लास्टिक के छोटे टुकड़ों की बिक्री 20 से 22 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जाती है। प्रतिमाह 6 कुंतल से अधिक प्लास्टिक प्रसंस्करण होने से ग्राम पंचायत को 12 हजार रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि प्लांट से होने वाली आय को ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में लगाया जाएगा।