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41 लाख पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाएंगे

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बलरामपुर। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान जिले में 41 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिले के 27 विभागों को पौधरोपण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनरेगा योजना से जिले के 800 ग्राम पंचायतों में गड्ढे तैयार किए जाएंगे। वन विभाग और शहरी इलाकों में चारों नगर निकायों के ईओ गड्ढे तैयार कराएंगे। पौधों के रख-रखाव के लिए जीओ टैगिंग कराना अनिवार्य है। पौधरोपण में छायादार व फलदार पौधों के साथ-साथ बेशकीमती लकड़ियों वाले पौधों का चयन किया जाएगा। निर्धारित तिथियों में पौधरोपण कराने का अभियान चलाया जाएगा।
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वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले को हरा भरा बनाने के लिए पौधरोपण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी विभागों के अधिकारियों को लक्ष्य आवंटित करके जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वन विभाग को 11,24,802, पर्यावरण विभाग को 1,07,124 व ग्राम विकास को 16,85,040 पौधे रोपित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्व व पंचायती राज विभाग को 1,90,400-1,90,400 पौधे रोपित करने हैं। आवास विकास को 9520, औद्योगिक विकास को 4340 व नगर विकास को 28,980 पौधे लगाना है। लोक निर्माण व सिंचाई विभाग को 14,560-14,560 पौधे लगाने हैं। रेशम विभाग को 25,770, कृषि विभाग को 3,22,960, पशुपालन विभाग को 6580 व सहकारिता विभाग को 7560 पौधे रोपित करने हैं। उद्योग विभाग को 11,340, विद्युत विभाग को 5320, प्राविधिक शिक्षा को 7420, उच्च शिक्षा को 28,140, और बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग को 3800-3800 पौधे लगाने हैं। श्रम व परिवहन विभाग को 4480-4480, स्वास्थ्य विभाग को 11,480, रेलवे को 22,120, रक्षा विभाग को 11,200, उद्यान विभाग को 2,11,136 और पुलिस विभाग को 9520 पौधे हरियाली के लिए लगाना है।
पौधरोपण में आम, आंवला, अमरुद, सहजन, शीशम, सागौन, साखू, बरगद, पीपल व जामुन सहित छायादार, फलदार व जड़ी-बूंटियों वाले पौधे प्रयोग किए जाएंगे। जिले के सभी 800 ग्राम पंचातयों में मनरेगा योजना से गड्ढे तैयार कराए जा रहे हैं। पौधरोपण के बाद जीओ टैंगिंग से रख-रखाव की जिम्मेदारी निभाई जाएगी।
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सभी को सौंपी गई जिम्मेदारी
वित्तीय वर्ष 2022-23 में पौधरोपण कराने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। जिले में करीब 41 छायादार, फलदार व जड़ी-बूटियों वाले पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले को हरा भरा बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पौधरोपण शुरू होने से पहले गड्ढे तैयार कराने का निर्देश दिया गया है। वन विभाग को सभी प्रकार के पौधे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। पौधों की सुरक्षा के लिए जीओ टैगिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अनिल कुमार सिंह, प्रभारी सीडीओ/पीडी
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