बलरामपुर। दुर्गा पूजा पंडालों में इस बार तेज ध्वनि में बाजा नहीं बजा सकेंगे। प्रतिमा विसर्जन में रंग व गुलाल नहीं उड़ा सकेंगे। शारीदय नवरात्र में प्रतिमाओं की स्थापना के लिए संबंधित तहसील के एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रतिमाएं सिर्फ पांच फुट तक हो सकती हैं। प्रतिमा स्थलों के गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने अनिवार्य है। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन कराने के संबंध में डीएम कृष्णा करुणेश ने शासन की ओर से आया निर्देश जारी कर दिया है।
शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा पंडाल सजाने वालों को संबंधित तहसील के एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। डीएम कृष्णा करुणेश ने गुरुवार को बताया कि 17 अक्तूबर से शुरू शारदीय नवरात्र में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा, बारावफात, दीपावली, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा व क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान कोविड-19 महामारी के प्रसार पर नियंत्रण कसने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन का सभी को पालन करने सलाह दी है।
त्योहारों के कार्यक्रमों के आयोजन सड़कों, चौराहों, बाजारों व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कदापि नहीं किए जाएंगे। आयोजकों को प्रस्तावित स्थल के स्वामी से लिखित अनुमति लेनी होगी। पांच फुट से ऊंची प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जाएंगी। आयोजकों को पंडालों का पूर्ण ले आउट प्लान तैयार कर सीसीटीवी कैमरों को लगवाना होगा। प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते होंगे। प्रतिमा विसर्जन में छोटे वाहनों का प्रयोग होगा और चालकों के नाम व मोबाइल नंबर प्रशासन को देना होगा।
प्रतिमा विसर्जन में भीड़ नहीं जुटाई जाएगी। बिना रुके विसर्जन स्थलों पर छोटे वाहनों से प्रतिमाएं पहुंचाई जाएंगी। प्रत्येक आयोजन स्थल से विसर्जन में मात्र 10 लोग ही शामिल होंगे। प्रतिमा विसर्जन निर्धारित समय व मार्ग से ही जाएंगी। एसपी देवरंजन वर्मा सहित जिले के सभी अधिकारियों को डीएम ने दिशा-निर्देश का पालन कराने का जिम्मा सौंपा है।