नंदनगर खजुरिया स्थित पीएचसी। - संवाद
बलरामपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदनगर खजुरिया में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से मरीजों को काफी दिक्कत होती है। बाल रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन न होने से यहां आने वाले मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। मरीज जिला अस्पताल या निजी चिकित्सकों से इलाज कराने के लिए मजबूर होते हैं।
आकांक्षी जिला होने के बावजूद जनपद में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। सीएचसी नंदनगर में चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत हैं लेकिन इस समय सिर्फ दो की ही तैनाती है। इनमें से एक नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं तो दूसरे फिजीशियन हैं जो ओपीडी में मरीज देखते हैं।
फार्मासिस्ट के तीन पद स्वीकृत हैं लेकिन महज दो ही तैनात हैं। नियमित स्टाफ नर्स की भी नियुक्ति नहीं हैं।
पीएचसी के अधीन हो रहा सीएचसी का संचालन
नंदनगर खजुरिया में भले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना हो लेकिन चिकित्साधिकारी मनमाने तरीके से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोकहिया में कार्यालय बनाए हुए हैं ताकि उन्हें प्रतिदिन जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। बीसीपीएम, बीपीएम व ब्लॉक अकाउंट मैनेजर सहित सीएचसी स्तरीय अन्य कर्मचारी भी पीएचसी जोकहिया पर अपनी सेवा दे रहे हैं। यहीं से सीएचसी नंदनगर खजुरिया का सारा काम होता है। इसके अलावा यहां औसत से अधिक चिकित्सकों की भी तैनाती है। अधिकारियों की उदासीनता से सीएचसी का संचालन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन चल रहा है।
उच्चाधिकारियों को दी गई है सूचना
सीएचसी नंदनगर में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सीएमओ स्तर से ही चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती होगी।
-डॉ. जावेद अख्तर, अधीक्षक, सीएचसी नंदनगर