बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में सरकार के फरमान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अस्पताल के औषधि भंडार में सभी जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध होने का दावा किए जाने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। सर्जन हो या फिजीशियन सभी लोग मरीजों को बाहर की दवा धड़ल्ले से लिख रहे हैं। अस्पताल प्रशासन डॉक्टर की मनमानी पर अंकुश लगाने में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अस्पतालों में बेहतर संसाधन एवं अच्छी दवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि अस्पताल आने वाले मरीजों को हरहाल में अस्पताल की ही दवा लिखी जाए। बहुत आवश्यक होने पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की दवाएं लिखी जाए। शासन के निर्देश के बावजूद संयुक्त जिला चिकित्सालय में अधिकांश डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहर की ही दवा लिखी जा रही है।
24 अगस्त को जिला संयुक्त चिकित्सालय में पत्नी गीता का इलाज कराने आए रेहरा बाजार निवासी राम समुझ ने बताया कि गीता के पैर में सूजन व दर्द था। संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्जन को दिखाया तो उन्होंने बाहर की दवा लिखी है। महंगी होने के कारण वह दवा खरीदने में असमर्थ हैं। उतरौला भैरमपुर निवासी इरफान अली पत्नी चांदबीबी का इलाज कराने आए थे। उन्हें भी बाहर की दवा लिखी गई।
इसी तरह सरायखास निवासी राम किशोर को सांस फूलने की शिकायत थी। उन्होंने अस्पताल के फिजीशियन को दिखाया। राम किशोर को दवा बाहर से लेने के लिए पर्चा लिखा गया था। इसी तरह कटरा निवासी रामरंग ने बताया कि उनकी पत्नी शकुंतला को काफी दिनों से बुखार था। डॉक्टर ने बाहर की दवा लिखी है। कुछ दवाएं अस्पताल से भी दी गई हैं।
अस्पताल में उपलब्ध है सभी जीवनरक्षक दवाएं
संयुक्त जिला चिकित्सालय के औषधि भंडार में सभी जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध हैं। एंटी रैबीज एवं एंटी स्नेक वेनम भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कुछ दवाओं की डिमांड भी भेजी गई है। यदि आपातकालीन स्थिति में कुछ दवाओं की आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें लोकल परचेज के तहत खरीदा भी जा सकता है।
- एके त्रिपाठी, स्टोर इंचार्ज संयुक्त जिला चिकित्सालय
बाहर से दवा लिखने पर होगी कार्रवाई
अस्पताल में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टरों को इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने तथा अस्पताल की ही दवा लिखे जाने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी भी डॉक्टर द्वारा बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नानक सरन, सीएमएस संयुक्त जिला चिकित्सालय