-बलरामपुर के तुलसीपुर में बस का इंतजार करते यात्री।-संवाद
तुलसीपुर (बलरामपुर)। स्थानीय तहसील मुख्यालय पर रोडवेज बस अड्डा न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर देवीधाम में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं को ट्रेन व निजी वाहनों का सहारा है। 10 साल से जमीन की तलाश की जा रही है। लेकिन जमीन न मिलने से बस अड्डा परियोजना अधर में लटकी है।
नगरवासी विकास सोनी, अनिल लाठ व संतोष जायसवाल ने बताया कि तुलसीपुर में शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर होने की वजह से यहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। 10 साल पहले बस अड्डा निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृति दी थी, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण रोडवेज बस अड्डा की जमीन अभी तक नहीं मिल सकी है। लोगों को रोडवेज बसों की समय-सारिणी की भी जानकारी नहीं हो पा रही है।
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गैर जिलों से आते हैं श्रद्वालु
देवीपाटन मंदिर में चैत्र व शारदीय नवरात्र में लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, बहराइच, इटवा व बस्ती के साथ देश-विदेश से दर्शनार्थी मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं को आवागमन के लिए ट्रेन व निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, इससे धन व समय का नुकसान होता है।
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की जा रही जमीन की तलाश
-तहसील मुख्यालय तुलसीपुर में रोडवेज बस अड्डा का निर्माण कराने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलने के बाद रोडवेज बस अड्डा का निर्माण कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।
-गोपीनाथ दीक्षित, एआरएम