बलरामपुर। लगातार तीन दिनों से जारी झमाझम बारिश ने बलरामपुर के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भर गया है, इससे सूखने के लिए काटकर रखी गई धान की फसल सड़ने लगी है। जिले के कई गांवों में खेतों का नजारा किसी तालाब से कम नहीं दिख रहा। धान, सरसों, मटर और आलू जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
मौसम में अचानक आए इस बदलाव से ठंड का असर भी शुरू हो गया है। लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं, वहीं किसान मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं। पिपरहवा चौराहा, रेहरा बाजार, हरैया और तुलसीपुर क्षेत्रों के कई गांवों में खेतों में जलभराव की स्थिति है। धान की कटी फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। हवा और बारिश से खड़ी फसल भी गिर गई है। किसान अलखराम, सुकई, मंगल, शिवशंकर, ठुनई, रोशनलाल और मनीराम ने बताया कि कई बीघा फसल सड़ने लगी है। किसानों ने कहा कि अब मेहनत की कमाई तो गई ही, खेत दोबारा तैयार करने में भी खर्च बढ़ जाएगा।
40 फीसदी तक घट सकता है उत्पादन
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने बताया कि जिले में धान की अधिकांश फसल कटाई के चरण में थी। लगातार बारिश से खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि खड़ी फसल का उत्पादन करीब 30 फीसदी, जबकि कटी फसल का 40 फीसदी तक घट सकता है। जो किसान चना, मटर, सरसों या आलू की अगेती बोआई कर चुके हैं, उन्हें भी नुकसान होगा क्योंकि बीज सड़ने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने सलाह दी कि किसान खेतों में नालियां बनाकर जलनिकासी की व्यवस्था करें ताकि नुकसान कम हो सके।
गन्ना भी झुका, बढ़ी मजदूरी की लागत
रेहरा बाजार क्षेत्र में गन्ने की तैयार फसल भी बारिश की मार झेल रही है। खेतों में गिरे पौधे अब कटाई को मुश्किल बना रहे हैं। किसान रामधीरज, हरीश, रामदीन और सीताराम का कहना है कि फसल गिरने से मजदूरी और समय दोनों बढ़ जाएंगे, जिससे लागत दोगुनी हो जाएगी। किसानों का कहना है कि बारिश से फसलों का गंभीर नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से गांव-गांव जाकर सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को आपदा राहत व मुआवजा देने की मांग की है।
बाजार में जलभराव, व्यापार ठप
सादुल्लाहनगर में लगातार बारिश से गूमा तिराहा और मुबारक मोड़ पर जलभराव की स्थिति बनी रही। बाजार की सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। दुकानदारों ने बताया कि ग्राहकों की संख्या घट गई है और व्यापार पर असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अमीर अंसारी, डॉ. एनए अंसारी, योगेंद्र कुमार व अन्य लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन पर सफाई व निकासी की लापरवाही का आरोप लगाया। इसी तरह जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या है।