बलरामपुर के मणिपुर बाजार में खरीदारी करते नेपाली नागरिक ।-संवाद
बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे तुलसीपुर क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों में लगातार तेजी आ रही है। नेपाल की करीब पांच लाख से अधिक आबादी रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर थोक सामान की खरीद के लिए भारतीय सीमा पर निर्भर है। सीमापार के इस पारस्परिक संबंध ने न सिर्फ स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ाई है, बल्कि बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच जैसे जिलों की अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा भर दी है।
कोयलाबास और भिखारीपुर जैसे सीमावर्ती रास्तों से रोजाना सैकड़ों व्यापारी और उपभोक्ता भारत आते हैं। कोयलाबास के प्रधान अब्दुल खालिक सिद्दीकी ने बताया कि सीमावर्ती पांच जिलों के लोगों को व्यापार बढ़ने से लाभ मिलेगा। इन जिलों के लोग सीमा पर सहूलियत और भंसार बढ़ोत्तरी की मांग से उत्साहित हैं। तुलसीपुर, पचपेड़वा, हरैया और उतरौला जैसे बाजार अब नेपाल के ग्राहकों की पहली पसंद बन चुके हैं। खाद्यान्न, मसाले, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और दवाओं की खरीद-बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि सीमा पार मैत्रीपूर्ण संबंधों के चलते मंडल में मासिक कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। वहीं, छोटे व्यापारी इसे तरक्की की तरफ बढ़ा पहला कदम मान रहे हैं। व्यापारी बृजलाल ने कहा कि अगर सड़क और परिवहन सुविधाओं में और सुधार हुआ तो यह इलाका न सिर्फ व्यापारिक केंद्र, बल्कि सीमा पर्यटन और औद्योगिक विकास का हब भी बन सकता है। नेपाल के गोपालगढ़वा, लमही, घोड़ाही और गढवा जैसे कस्बों से आने वाले थोक व्यापारी अब तुलसीपुर में सीधे ऑर्डर बुक कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि सीमापार सहयोग से दोनों देशों के बीच विश्वास और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती आई है।
बदलाव के प्रयास में जुटे दोनों देश के व्यापारी
नेपाल के व्यापारी नेता ओमप्रकाश शर्मा कहते हैं कि वह लोग लगातार सीमा पर सहूलियत के प्रयास में लगे हैं। तुलसीपुर व्यापारी संगठन के अध्यक्ष अनिल लाठ ने बताया कि सरकारी स्तर पर सीमा व्यापार को प्रोत्साहन देने और सुरक्षा जांच को सहज बनाए रखने से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। क्षेत्रीय विकास से जुड़े जानकारों का मानना है कि तुलसीपुर क्षेत्र का यह आर्थिक विस्तार आने वाले वर्षों में पूरे देवीपाटन मंडल के लिए विकास का प्रमुख आधार बनेगा।