बलरामपुर। आउटसोर्स कार्मिकों की भर्ती और सेवा व्यवस्था को पारदर्शी, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत की है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में निगम का शुभारंभ किया। एमएलके पीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आउटसोर्स कर्मियों को दिखाया गया।
मुख्यमंत्री ने निगम के पोर्टल और वेबसाइट की लॉन्चिंग के साथ ही लोगो का अनावरण किया। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में भर्ती, ज्वाइनिंग, उपस्थिति, अवकाश, शिकायत और उसके समाधान की प्रक्रिया डिजिटल होगी। आउटसोर्स कर्मियों को समय से वेतन, ईपीएफ और ईएसआईसी समेत निर्धारित लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने के बाद तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने कहा कि निगम के गठन से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। मनमाने तरीके से वेतन कटौती और समय पर भुगतान न होने जैसी समस्याओं का भी समाधान होगा।
सदर विधायक पल्टूराम ने कहा कि निगम आउटसोर्स कर्मियों को सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे नौकरी को लेकर असुरक्षा कम होगी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि कर्मियों के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, दुर्घटना की स्थिति में 10 लाख रुपये तक सहायता, बच्चों की पढ़ाई के लिए आठ से 10 लाख रुपये और बेटी के विवाह के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
कार्यक्रम में निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत अर्जुन, श्याम कला, राधिका और मुख्तार को दो-दो लाख रुपये की एफडी प्रदान की गई। इस दौरान नगर पालिका के सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।