बलरामपुर के कृषि भवन में प्रदर्शन करते किसान।-संवाद
बलरामपुर। जिले में खाद की कालाबाजारी, कृषि अधिकारियों की लापरवाही और योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाकर किसानों ने बुधवार को कृषि भवन का घेराव और प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के बैनर तले सैकड़ों किसान जिला संगठन मंत्री राम दुलारे शुक्ल की अगुवाई में प्रदर्शन में शामिल हुए और कृषि विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि जिले में उर्वरक की किल्लत कृत्रिम रूप से पैदा की जा रही है। किसान भटक रहे हैं लेकिन कालाबाजारी करने वाले खुलेआम 350 से 400 रुपये में उर्वरक बेच रहे हैं। वहीं सरकारी समितियों पर यूरिया पहुंचते ही गायब हो जाती है। किसानों ने मांग की कि जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक और एआर की मिलीभगत की जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इन अधिकारियों के फोन उठते नहीं हैं, जिससे किसान और भी परेशान हैं।
साथ ही किसानों ने 2024-25 में कृषि यंत्र, मिनी किट, सब्जी बीज वितरण, स्पेशल कंपोनेंट आदि योजनाओं में पारदर्शिता की मांग करते हुए सभी लाभार्थियों की सूची मांगी। बरहना गांव में जलनिकासी की समस्या, बरखना में जलजमाव से बाधित मार्ग और सोनार इलाके में बंदरों के उत्पात पर भी नाराजगी जताई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी न हुईं तो भाकियू को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते समय रामेश्वर प्रसाद तिवारी, राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, प्रभुनाथ सिंह, राम मनोहर यादव, राजेश दूबे, कुमार करवर, बालक राम, शीला देवी व शंभू प्रसाद आदि मौजूद रहे।