बलरामपुर। नेपाल के रास्ते भारत की सीमा में केवल नेपाली व भूटानी नागरिकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इसी तरह केवल भारतीय नागरिक नेपाली और भूटानी नेपाल में प्रवेश कर सकते है। अन्य किसी भी देश का नागरिक नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश नहीं कर सकता और न ही किसी अन्य देश का नागरिक इधर से उधर जा सकता है। यह प्रतिबंध आगामी 15 अप्रैल तक जारी रहेगा। नेपाल की खुली सीमा से जुड़े पगडंडी रास्तों पर एसएसबी का पहरा बिठा दिया गया है।
यह सारी कवायद तेजी से बढ़ रहे नोबेल कोरोना वायरस को रोकने के लिए की गई है। शनिवार को डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि जिले से सटी नेपाल की खुली सीमा से केवल नेपाली व भूटानी नागरिकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इस रास्ते से दुनिया के अन्य किसी देश का नागरिक जिले में प्रवेश नहीं करेगा। इधर से भी केवल भारतीय, नेपाल व भूटान के नागरिक को ही नेपाल में प्रवेश दिया जाएगा। अन्य देशों के नागरिक जिले में प्रवेश नहीं करेंगे। अन्य देशों के नागरिकों को केवल सोनौली बॉर्डर से ही प्रदेश में आने और नेपाल जाने का मौका मिलेगा।
एसएसबी 9वीं तथा 50वीं वाहिनी के अधिकारियों के समन्वय से यह सतर्कता बरती जा रही है। सीमा के रास्तों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार नेपाल से आने वालों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। पगडंडी रास्तों पर एसएसबी का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। इन रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नेपाल तथा भूटान के अलावा अन्य किसी देश के नागरिक को देश की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यह प्रतिबंध आगामी 15 अप्रैल तक जारी रहेगा।
हों जागरूक, दूसरों को भी करें जागरूक
- साधारण सर्दी, खांसी कोरोना के लक्षण नहीं है।
- सूखी खांसी, बदन दर्द आदि होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
- दिन में चार-पांच साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
- खांसते व छींकते समय नाक व मुंह पर रुमाल रखें।
- भीड़भाड़ वाले स्थलों पर आयोजनों में जाने से परहेज करें।
- संक्रमित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी रखें।
- अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान दें।
- दूषित व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
- खुद मास्क लगाएं और दूसरों को भी इसकी सलाह दें।
- ताजा, सुपाच्य व अच्छी तरह से पका खाना खाएं।
- दूषित व डिब्बाबंद पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- हाथों में सेनेटाइजर का प्रयोग करें।
- बीमारी के संदिग्ध लक्षण छिपाएं नहीं बल्कि डॉक्टर से मिलें।