बलरामपुर। जिले में सवा माह में मात्र 31 प्रतिशत धान की खरीद हुई है। जिले भर में सिर्फ 678 किसानों ने ही सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचा है। किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद में नमी के नाम पर अधिक कटौती व मनमानी का आरोप लगाया है। तौल में अधिक कटौती को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की लापरवाही के चलते किसानों को बिचौलियों के हाथ अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है।
किसान बच्चा राम, राम समुझ, दुलारे, बलदेव, शिव प्रसाद व शिव कुमार आदि ने आरोप लगाया है कि धान खरीद में सरकारी क्रय केंद्रों पर नमी के नाम पर निर्धारित मात्रा से अधिक की कटौती की जा रही है। क्रय एजेंसियां धान खरीद में मनमानी कर रहे हैं। जिसके चलते किसानों को अपनी उपज बिचौलियों के हाथ औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है।
इन लोगों ने डीएम से मांग किया है कि नमी के नाम पर अधिक कटौती न की जाए जिससे किसानों को अपनी उपज का भरपूर लाभ मिल सके। डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में अब धान खरीद में तेजी आ गई है। छोटे व मझोले किसानों से अधिक से अधिक धान खरीद करने का सभी क्रय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है।
जिले में खाद्य विभाग व पीसीएफ को 29 क्रय केंद्रों पर 12 हजार एमटी धान खरीदने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। 29 फरवरी तक खाद्य विभाग को छह क्रय केंद्रों से 2500 एमटी व पीसीएफ को 23 क्रय केंद्रों से 9500 एमटी धान खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। खरीद विपणन वर्ष 2020-21 में दोनों क्रय एजेंसियों ने 21 नवंबर तक 678 किसानों से 30.91 प्रतिशत के साथ 3709.415 एमटी धान खरीदा है।
खाद्य विभाग ने 159 किसानों से 25.68 प्रतिशत के साथ 642.120 एमटी और पीसीएफ ने 519 किसानों से 32.29 प्रतिशत के साथ 3067.295 एमटी धान खरीद पूरा कर लिया है। खाद्य विभाग ने एक करोड़ 19 लाख 95 हजार रुपये का धान खरीद कर सभी किसानों को भुगतान कर दिया है। पीसीएफ ने छह करोड़ 92 लाख 92 हजार रुपये का धान खरीदा है। तीन करोड़ 94 लाख तीन हजार रुपये का भुगतान किया है और दो करोड़ 98 लाख 89 हजार रुपये बकाया है जिसका भुगतान करने के लिए पीसीएफ के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।