उतरौला। ऑनलाइन दाखिल-खारिज व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता संघ उतरौला का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। तहसील परिसर में शुरू हुए क्रमिक अनशन के पहले दिन 40 अधिवक्ता धरने पर बैठे। कार्य बहिष्कार के चलते तहसील और दीवानी न्यायालयों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इससे दीवानी न्यायालय के 378 और तहसील न्यायालय के 282, कुल 660 वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। वादकारियों को बिना सुनवाई के ही मायूस होकर लौटना पड़ा।
आंदोलन का असर रजिस्ट्री कार्यालय पर भी पड़ा। यहां पूरे दिन एक भी बैनामा पंजीकृत नहीं हुआ। इससे राजस्व का नुकसान होने की बात सामने आई। वहीं, नोटरी स्टांप की बिक्री भी बंद रही, जिससे सरकारी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मोहम्मद बख्श, मुन्नी देवी, गुलाम मोहम्मद, संदीप मौर्य, सुहेल अहमद और आमिल खान सहित कई वादकारी निराश होकर लौटे।
क्रमिक अनशन में वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण गोपाल सिंह, शिवरतन लाल, राम प्रताप चौधरी, राम सुंदर यादव, सुशील श्रीवास्तव, शत्रुघ्न लाल मिश्र, रामतीरथ जायसवाल, अखिल श्रीवास्तव, सुमित कुमार, नवनीत श्रीवास्तव, हनुमान प्रसाद, राजवीर सिंह, अतुल यादव, मुकेश कश्यप, मनीष यादव, शक्ति मिश्र, रघुनाथ वर्मा और सभाजीत तिवारी सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। वहीं, गिरीश पांडे, आरके पांडेय, व्यासमुनि पांडेय, अमरनाथ शर्मा, तुलसीराम यादव, राधेश्याम यादव, विक्की, प्रवेश गुप्त, दिनकर श्रीवास्तव, आलोक गुप्त और नसीम अहमद समेत अनेक अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
आज निकलेगी मोटरसाइकिल रैली
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने बताया कि बुधवार को तहसील परिसर से मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। रैली मुख्य बाजार का भ्रमण करने के बाद तहसील परिसर पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज के मुद्दे पर अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। जब तक अधिवक्ताओं की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक क्रमिक अनशन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने प्रशासन से संबंधित शासनादेश की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की।