बलरामपुर स्थित एमएलटीडी तटबंध। -संवाद
बलरामपुर। राप्ती नदी की बाढ़ को लेकर इस बार शहर के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। एमएलटीडी तटबंध से करीब एक लाख लोगों की बाढ़ से सुरक्षा होगी। तटबंध को मजबूत बनाने के लिए 24.50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। पहले शहर के लोगों को राप्ती की बाढ़ से परेशानी होती थी। श्याम विहार कॉलोनी में नाव चलती थी।
शहर को राप्ती नदी की बाढ़ से बचाने वाले एमएलटीडी (मेवालाल तालाब दिपवा तटबंध) की पांच स्थानों पर बरसात से पहले ही मरम्मत करा दी गई है। रेलवे लाइन से लेकर ग्राम रंजीतपुर व शहर के मोहल्ला पहलवारा तक तटबंध की मरम्मत के साथ रंजीतपुर गांव के पास रेगुलेटर में गेट लगा दिया गया है।
पिछले वर्ष बेलवा-सुल्तानजोत गांव के पास से राप्ती के पानी ने शहर में घुसकर तबाही मचाई थी। इस बार बेलवा-सुल्तानजोत रोड पर तटबंध के गैप को भर दिया गया है। खड़ंजा लगा दिया गया है। रिवर साइड में ड्रेनेज की व्यवस्था के लिए पाइप कल्वर्ट का निर्माण कराया गया है।
ज्योनार रोड स्थित तटबंध के गैप को भर दिया गया है। रैंप पर खड़ंजा भी लगा दिया गया है। रिवर साइड में ड्रेनेज के लिए पाइप कल्वर्ट निर्माण कराया गया है। एमएलटीडी तटबंध पर बाढ़ से सुरक्षा के लिए 12 रेगुलेटर गेट लगे हुए हैं। इसमें आठ नए रेगुलेटर लगाए गए हैं और चार रेगुलेटर की मरम्मत कराई गई है।
रख गया है पर्याप्त स्टॉक
तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में बालू, मिट्टी व मोरंग आदि रिजर्व स्टॉक मटेरियल रखवा दिया गया है। एसएसबी कैंप, केंद्रीय विद्यालय, तुलसीपुर हाईवे व रंजीतपुर के मध्य रिवर साइड में तटबंध पर मिट्टी की भरी बोरियों को पर्याप्त मात्रा में रखवा दिया गया है।
-भरत राम, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड