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Balrampur News: सऊदी में फंसा पुराना पासपोर्ट, तब किया फर्जीवाड़ा

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गैड़ास बुजुर्ग। जालसाजी कर दूसरा पासपोर्ट बनवाने के मामले में बाबूराजा की मुश्किलें बढ़ रहीं हैं। मुंबई के पते से बनवाए पहले पासपोर्ट पर सऊदी अरब के दम्माम में नौकरी करने बाबू रजा गया था। वहां करीब दो वर्ष रहा और लौटा तो किसी कारणवश उसके पासपोर्ट के उपयोग पर रोक लग चुकी थी। फिर उसने दूसरा पासपोर्ट मूल निवास ईटईरामपुर के पते से बनवाया। जिस पर भी पांच वर्ष तक सऊदी अरब में रहा।
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पुलिस ने जांच के दौरान पुराना पासपोर्ट मांगा तो उसने जलने का बहाना बना दिया। अब तक दूसरा पासपोर्ट नहीं दिया, इसके बाद जांच हुई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सऊदी अरब में रह रहे एक व्यक्ति ने बताया कि सऊदी में किसी विवाद पर लाल निशान जिसे वहां की भाषा में खुरूज निहाया लगा दिया जाता है। जिससे पासपोर्ट काम का नहीं रहता है। फिलहाल पुराना पासपोर्ट आरोपी जलने की बात कहकर कार्रवाई पर पर्दा डाल रहा है। बताया जा रहा है कि मुंबई के ही एक बिचौलिए ने उसको सारा रास्ता बताया और अभिलेख भी तैयार कराए। दूसरा पासपोर्ट बनवाने में स्थानीय एक व्यक्ति की मदद ली, जिसकी पड़ताल पुलिस कर रही है।
बताया जा रहा है कि पासपोर्ट की प्रक्रिया पूरी करने में बड़ी रकम बाबूराजा ने खर्च की है। फिलहाल दर्ज हुई एफआईआर की जांच कर रहे उपनिरीक्षक रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि दूसरे पासपोर्ट में कई अंतर किए गए। जन्मतिथि में तो छह वर्ष का अंतर दिखा दिया गया। इसके अलावा पत्नी आदि के नाम भी बदला। अब उसकी पूरी जानकारी की जा रही है। बताया कि मुंबई से आरोपी नहीं आया तो वह वहां जाकर जांच करेंगे। पासपोर्ट बनवाने के साथ ही दुरूपयोग का मामला भी सामने आया है। फिलहाल इस तरह पासपोर्ट बनने की खासी चर्चा है।
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थाने को छोड़िए, खुफिया एजेंसियों ने भी मूंदे रखी आंख

पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया काफी लंबी है। इसके बाद भी जांच करते समय किसी ने गहराई से ध्यान नहीं दिया। थाने से एफआईआर दर्ज न होने की रिपोर्ट वर्ष 2016 में लगाई गई। इसके बाद जिला अपराध रेकॉर्ड ब्यूरों से भी रिपोर्ट लग गई। वहां के बाद स्थानीय खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने भी गांव में पहुंचकर जानकारी की। इसके बाद रिपोर्ट लगा दी। वैसे सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पासपोर्ट के लिए रिपोर्ट लगाने में अक्सर आपराधिक रेकॉर्ड और निवास से जुड़े अभिलेख ही देखे जाते हैं। वैसे उन्होंने बताया कि गोंडा में एक बार पासपोर्ट की रिपोर्ट के लिए 1500 रूपये वसूलने का मामला सामने आया था। जिसमें उस समय एक दीवान के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। इस तरह भी रिपोर्ट लग जाती है। बाबूराजा के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा।
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