बलरामपुर। रेहरा बाजार क्षेत्र के हुसैनाबाद ग्रंट निवासी राजू की ओर से दो पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। पासपोर्ट संबंधी जांच में पहले से जारी पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर दूसरा पासपोर्ट बनवाने और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आने पर रेहरा बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रभारी निरीक्षक अनिल दीक्षित ने बताया कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ से मिले पत्र के आधार पर मामले की जांच की गई। इसमें सामने आया कि राजू ने वर्ष 2018 में पासपोर्ट संख्या एस6623005 बनवाया था। इसमें उसका नाम राजू, जन्मतिथि चार अप्रैल 1971, पिता का नाम बिचनू और माता का नाम कृष्णा देवी दर्ज था। पता ग्राम व पोस्ट हुसैनाबाद, रेहरा बाजार, बलरामपुर दर्ज कराया गया था।
इसके बाद वर्ष 2023 में राजू ने दूसरा पासपोर्ट संख्या वाई8752246 बनवाया। इसमें भी नाम राजू और जन्मतिथि चार अप्रैल 1971 दर्ज थी। हालांकि, पिता के नाम की वर्तनी में अंतर था। दूसरे पासपोर्ट में पत्नी का नाम प्रभावती और पता ग्राम व पोस्ट हुसैनाबाद ग्रंट, बलरामपुर दर्ज था। आरोप है कि दूसरे पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय पहले से जारी पासपोर्ट के तथ्यों को छिपाया गया और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक एवं पासपोर्ट नोडल अधिकारी विशाल पांडेय के निर्देश पर मामले में वैधानिक कार्रवाई की गई। रेहरा बाजार थाने में 12 अक्तूबर को उपनिरीक्षक शेषनाथ यादव की ओर से दी गई तहरीर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) तथा पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12(1)(बी) के तहत कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
सीओ डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान दस्तावेजों और दोनों पासपोर्ट में दर्ज विवरण की जांच कराई जाएगी।