बलरामपुर। कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए पिछले दिनों पोषण माह चलाया गया था। इस दौरान कुपोषण से निपटने के लिए तरह-तरह के उपाय बताए गए थे। इतना ही नहीं अतिकुपोषित बच्चों को विभाग की ओर दूध और घी तक मुहैया कराया जाने का दावा किया गया था। लेकिन हालात यह हैं कि घी, दूध तो दूर बच्चों को अक्तूबर माह का पोषाहार किट तक नहीं मिल सकी है।
जिले में 1882 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिन पर छह माह से तीन वर्ष तक एक लाख 28 हजार 621 तथा तीन वर्ष से छह वर्ष के एक लाख 42 हजार 588 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अलावा तीन हजार 868 अतिकुपोषित बच्चे तथा 35 हजार 796 गर्भवती/धात्री महिलाएं भी पंजीकृत हैं। इन बच्चों को हष्ट-पुष्ट करना विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है। बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ बनाने के लिए सितंबर में पोषण माह भी मनाया गया था, जिसमें गांव-गांव पहुंची टीमों ने महिलाओं को बच्चों को मुहैया कराई जाने वाली खुराक आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी थी। इन लोगों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को घी भी मुहैया कराया जाना था, लेकिन किसी भी केंद्र पर उसका वितरण नहीं किया जा रहा है। (संवाद)
जुलाई से नहीं मिला पोषाहार
सीडीपीओ तुलसीपुर कमलेश यादव व सीडीपीओ हरैया सतघरवा राकेश चौरसिया ने बताया कि अनुपूरक पुष्टाहार जून माह तक व नेफेड के तहत दलिया, चना दाल व सोयाबीन रिफाइंड जुलाई माह तक मिला था, जिनको आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवंटित कर दिया गया है।
अक्तूबर में मिला सितंबर का पोषाहार
सीडीपीओ रेहरा बाजार संदीप कुमार ने बताया कि सितंबर माह का पोषाहार अक्तूबर माह में प्राप्त हुआ है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर उसका वितरण कराया जा रहा है।
आवंटित होते ही कराया जाएगा वितरण
अक्तूबर माह के पोषाहार का आवंटन अभी नहीं हुआ है। जिले में एनआरएलएम एवं नेफेड की तरफ से पोषाहार का वितरण कराया जाता है। पोषाहार का आवंटन होते ही उसे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित करवा दिया जाएगा। - निहारिका विश्वकर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी