बलरामपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैड़ासबुजुर्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल से गैर हाजिर मिले दो चिकित्सक व एक लिपिक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस दौरान दवा भंडार से वितरित की जाने वाली दवाओं पर अस्पताल की मुहर न लगी होने पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए फार्मासिस्ट को अस्पताल के नाम की मुहर अवश्य लगाये जाने का निर्देश दिया।
सीएमओ सोमवार को डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी व जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र के साथ सीएचसी गैड़ासबुजुर्ग का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान महिला चिकित्साधिकारी डॉ. नूरी खान व डॉ. विजय प्रताप सिंह व लिपिक भगवत प्रसाद ड्यूटी से गायब पाए गए। निरीक्षण के समय आयुष्मान मित्र इफ्तेखार द्वारा गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा था। औषधि भंडार में दवाओं पर अस्पताल की मुहर लगी नहीं मिली। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए फार्मासिस्ट चंद्रभान सिंह को निर्देश दिया कि यहां से वितरित होने वाले सभी दवाओं पर अस्पताल के नाम की मुहर अवश्य लगाई जाए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अनुपस्थित लिपिक व चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. शोएब अहमद, बीसीपीएम त्रिलोकीनाथ यादव व बीएएम मोहम्मद अकमल आदि मौजूद रहे।
उच्च जोखिम युक्त पाई गई 65 गर्भवती
संयुक्त जिला चिकित्सालय, जिला महिला अस्पताल व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 11 अस्पतालों में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने सीएचसी गैड़ासबुजुर्ग में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का निरीक्षण किया। मातृ स्वास्थ्य के जिला समन्वयक विनोद त्रिपाठी ने बताया कि 11 अस्पतालों में आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर करीब 700 गर्भवती की जांच की गई।