संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। खाद की कालाबाजारी व भंडारण को रोकने के लिए बृहस्पतिवार को कृषि विभाग ने जांच अभियान चलाया। तुलसीपुर में आठ दुकानों की जांच की गई, इसमें तीन दुकानों में रजिस्टर में दर्ज व भंडार कक्ष में रखे खाद का मिलान करने पर अनियमितता मिली। तीनों दुकानदारों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
अपर जिला कृषि अधिकारी राकेश चंद्र पांडेय व तहसीलदार घासीराम वर्मा की संयुक्त टीम ने तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के पचपेड़वा में आठ दुकानों का निरीक्षण किया। पचपेड़वा के बढ़ईपुरवा में जय अंबे ट्रेडर्स दुकान की जांच की गई। जांच के दौरान दुकान में पीओएस मशीन में 156 बोरी यूरिया दर्ज थी, जबकि गोदाम में 150 बोरी ही मौजूद रही। इसी तरह एसएसपी पाउडर 52 बोरी दर्ज थी, मौके पर 42 बोरी ही मिली। वसीम खाद भंडार पचपेड़वा में पीओएस मशीन व गोदाम का मिलान किया गया तो यूरिया की 22 बोरी कम मिली।
इसी तरह यादव खाद बीज भंडार नई बाजार पचपेड़वा में यूरिया की 79 बोरी, एनपीके 22 बोरी व डीएपी की 16 बोरी कम मिली। अपर जिला कृषि अधिकारी ने तीनों दुकानदारों को पीओएस मशीन व गोदाम में खाद की मात्रा में अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन के अंदर संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला कृषि अधिकारी प्रकाश चंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि उर्वरक बिक्री केंद्रों पर पंजिका जरूर होनी चाहिए। इसमें कृषक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, क्रय की गई उर्वरक की मात्रा, किसानों से ली गई धनराशि व भूमि का विवरण आदि दर्ज करना अनिवार्य है। साथ ही समस्त किसानों को उर्वरक क्रय की रसीद पीओएस से ही दिया जाए।