फोटो-13-बलरामपुर के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक कार्यालय में रखी दवाएं ।-संवाद
बलरामपुर। लंबे इंतजार के बाद आयुर्वेदिक अस्पतालों में नौ प्रकार के दवाओं की आपूर्ति हो गई है। अस्पताल में दवाएं पहुंचने से अब मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अब तक दवाएं न होने के कारण मरीजों को बाहर से इलाज कराना पड़ता था।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. दिग्विजय नाथ ने बताया कि जिले में कई महीनों से केंद्र सरकार की तरफ से आने वाली दवाओं की आपूर्ति बंद थी। इस कारण आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाएं नहीं मिल पा रही थी। दवा की डिमांड भेजी गई थी। डिमांड के आधार पर कार्यालय में दवाएं पहुंची हैं। इन दवाओं को सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में भेजा जाएगा।
आयुर्वेदिक विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक दुर्गेश चौधरी ने बताया कि नौ प्रकार की दवाएं आई हैं। इनमें सिरप शरबत ए अंजबार जो आंतरिक रक्तस्राव को रोकने काम आता है। दर्द की दवा कुर्स मुलायन, जोड़ों के दर्द, गठिया की दवा अजमोदादी चूर्ण, बुखार की दवा संशमनी वटी (गिलोय घनवटी) गिलोय, पाचन संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए उपयोगी दवा मजून ए दबीदुलवर्द, मूत्र रोग संबंधित दवा शरबत बाजूरी मोटादिल की आपूर्ति हुई है। इसके अलावा सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, गैस, कब्ज की दवा इत्रिफल किशनीजी, कमजोर पाचन तंत्र, पेट की गैस, कब्ज, पेट दर्द, एसिडिटी के इलाज में उपयोगी दवा जवारिश-ए-कमूनी और बदन दर्द, वात रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा मजून ए चोबचिनी का स्टॉक आ गया है। सभी अस्पतालों में मांग के अनुसार दवाओं को पहुंचाया जाएगा।