पचपेड़वा के लक्ष्मी नगर के पास सरयू नहर घटना स्थल पर रोते-बिलखते परिजन।
गैसड़ी। नेपाल लौटने की तैयारी के बीच सरयू नहर में डूबने से एक युवक के लापता होने की घटना ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं। पचपेड़वा क्षेत्र के लक्ष्मीनगर गांव के पास निकली सरयू नहर में रविवार सुबह नेपाल निवासी विजयी (30) के डूब जाने की सूचना पर पुलिस और स्थानीय तैराकों ने घंटों तक खोजबीन की, लेकिन देरशाम तक उनका पता नहीं चल सका था।
नेपाल के ठाकुरपुर निवासी विजयी अपनी पत्नी सीमा के साथ एक दिन पहले पचपेड़वा क्षेत्र की गोबरी ग्राम पंचायत के सेहरिहवा गांव स्थित ससुराल आए थे। रविवार को दोनों को वापस नेपाल लौटना था। पत्नी सीमा ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे विजयी ने उनसे तैयार रहने को कहा और बताया कि वह लक्ष्मीनगर चौराहे तक होकर थोड़ी देर में लौटेंगे। कुछ देर बाद गांव के लोगों ने सूचना दी कि वह सरयू नहर में डूब गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विजयी नहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते लापता हो गए। तैराकों ने जाल डालकर करीब पांच घंटे तक नहर में तलाश की। नहर किनारे उनकी शर्ट और चप्पल मिली, जिससे उनके नहर में डूबने की आशंका है। प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश चौहान ने बताया कि स्थानीय तैराकों की मदद से लगातार तलाश कराई जा रही है।
नेपाल लौटने से पहले, मातम में बदली खुशी
घटनास्थल पर पहुंचीं सीमा पति का नाम लेकर बिलखती रहीं। उनकी आंखों के सामने तैराक घंटों तक नहर में तलाश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। विजयी नेपाल में बोरिंग लगाने का काम करते थे और उसी से परिवार का भरण-पोषण होता था। उनके चार बेटे गोविंद (10), अरविंद (8), सुरेश (6) और सबसे छोटा मुकेश अभी यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके पिता के साथ क्या हुआ है। ससुराल पक्ष के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की सास फूला ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले सीमा और विजयी का विवाह हुआ था। परिवार मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह जीवनयापन कर रहा था।
पचपेड़वा के लक्ष्मी नगर के पास सरयू नहर घटना स्थल पर रोते-बिलखते परिजन।