उन्होंने बताया कि भंसार सीमा वृद्धि से कोयलाबास के साथ ही नेपाल के अन्य क्षेत्रों के व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द ही एक मसौदा नेपाल की अंतरिम सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और बेहतर होंगे।
तुलसीपुर के व्यापारी अनिल लाठ कहते हैं कि जिस तरह का प्रयास हुआ है, उससे अब कई तरह के बदलाव दिख रहे हैं। सीमा पर सहूलियत मिली है। इस बॉर्डर से जाने वाले लोगों को नेपाल में भी अब बेवजह परेशान नहीं किया जा रहा है। नेपाल सरकार से उम्मीद पूरी होने से व्यापार को उड़ान मिलेगी।
स्थानीय व्यापारी बाबादीन कहते हैं कि अभी तो नेपाल से नागरिक जरवा के बालापुर, मणिपुर और तुलसीपुर आते हैं। उनसे से व्यापार हो रहा है, लेकिन वर्तमान में बने माहौल से अब नेपाल में भी स्टॉल और दुकान लगाने की तैयारी हो रही है। दोनों देशों के व्यापारी नेताओं ने सहमति जताई है कि जल्द ही एक सम्मेलन आयोजित कर दोनों देशों की सरकारों तक बात पहुंचाई जाएगी।
व्यापार को मिलने लगी नई दिशा
तुलसीपुर नगर के प्रमुख कारोबारी राजीव अग्रवाल ने बताया कि नेपाल के व्यवसायी अब उनसे संपर्क कर रहे हैं। सत्यम, सुरेश, जीवन, रामशंकर और रिंकू खान कहते हैं कि सामग्री की आपूर्ति भी की जा रही है। सकारात्मक पहल से व्यापार जगत को नई दिशा मिल रही है। बस अब इसके विस्तार की जरूरत है। सीमा और कस्टम सुविधा मिलने पर टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के साथ कपड़े और बर्तनों के व्यापार में भी तेजी आएगी। व्यापारियों के अनुसार ठंड के समय नेपाल से बड़ी संख्या में लोग ऊनी कपड़े बेचने के लिए यहां आते हैं। उन्हें भी सुविधा मिलेगी। नेपाली व्यापारी गोंडा, अयोध्या और अंबेडकरनगर तक अपने उत्पाद बेचने जाते हैं। अब सभी की निगाह भंसार की सीमा 25 हजार से बढ़ाने पर है। इससे बड़ी व्यापारिक समस्या का समाधान हो जाएगा।
भंसार सीमा वृद्धि का असर
-कोयलाबास से बड़े स्तर पर शुरू हो सकता है व्यापार।
-पूरी तराई का तेजी से होगा विकास।
-जिले के व्यापारियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार।
-नेपाल की राजधानी से सीधी बस सेवा हो सकती है शुरू।
-पर्यटन स्थल के रूप में हो सकता है विस्तार।