बलरामपुर के झारखंडी मंदिर के पास पड़ा फूल।
बलरामपुर। शहर के धार्मिक स्थलों, शादी घरों व अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाले बेकार फूलों से अब पालिका अगरबत्ती बनाएगी। इसको लेकर कवायद शुरू कर दी गई है।
धार्मिक स्थलों व शादी घरों में होने वाले कार्यक्रमों में लोग फूलों का उपयोग करते हैं। मंदिरों में भगवान को चढ़ाने के लिए फूलों की माला खरीदी जाती है, जबकि अन्य कार्यक्रमों में फूलों का मंडप तैयार किया जाता है। कार्यक्रम के बाद इन फूलों को फेंक दिया जाता है। इससे गंदगी फैलती है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन ने अब एक नई पहल की है। पालिका ने शासन से मिलने वाले 15वें वित्त आयोग से करीब एक लाख रुपये की कीमत से मशीन खरीदने का निर्णय लिया है। इससे बेकार फूलों से अगरबत्ती बनाई जाएगी।
यह होगी बनाने की प्रक्रिया
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन शहर में मंदिरों, शादी के हॉल व अन्य स्थानों से उपयोग होने के बाद फूल मालाओं को पालिकाकर्मियों की मदद से इकट्ठा करेगा। इसके बाद फूलों को सूखने के लिए रखा जाएगा। पूरी तरीके से सूखने के बाद पालिका द्वारा खरीदी गई मशीन में डालकर अगरबत्ती बनाई जाएगी। इससे पालिका के राजस्व में बढ़ोतरी तो होगी ही साथ ही बेकार फूलों से होने वाले कूड़े के निस्तारण की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
भेजा गया प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद के ईओ लालचंद्र मौर्य ने बताया कि फूलों से अगरबत्ती बनाने की मशीन का प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही मशीन की खरीदारी करके अगरबत्ती बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।