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Balrampur News: पहाड़ी नाला उफनाया, टापू बना इटैहिया गांव

Thu, 09 Jul 2026 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर के इटैहिया गांव जाने वाले मार्ग पर बह रहा  बाढ़ का पानी।
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ललिया। हिमालय की तलहटी में हुई बारिश का असर बुधवार रात ललिया क्षेत्र के इटैहिया गांव में साफ दिखाई दिया। देर रात हेंगहा पहाड़ी नाले का पानी तेज बहाव के साथ गांव में घुस आया। देखते ही देखते गलियां, संपर्क मार्ग, प्राथमिक विद्यालय व आसपास का इलाका पानी से भर गया। ग्रामीण घरों में कैद रहे। बृहस्पतिवार सुबह पानी उतरने के बाद लोग जलभराव से परेशान रहे।
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गांव की आबादी लगभग साढ़े सात सौ है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई। तीन माह पहले भी केवल आधे हिस्से की सफाई की गई थी। शेष भाग में झाड़ियां, गाद और अतिक्रमण जस के तस बने रहे। नतीजा यह हुआ कि तेज बहाव का पानी नाले में समाने के बजाय सीधे गांव में फैल गया। बुधवार देर रात प्राथमिक विद्यालय इटैहिया के सामने सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई। विद्यालय की चारदीवारी के भीतर भी पानी भर गया।

गांव की कई गलियों में घुटनों तक पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। कई परिवारों ने पूरी रात बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोशिश की। लोगों को आशंका बनी रही कि यदि पहाड़ों पर बारिश और बढ़ी तो पानी का स्तर और ऊपर जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार यह नाला सीधे हिमालय की तलहटी से जुड़ा है।
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पहाड़ों पर अधिक वर्षा होने के कुछ घंटों बाद इसका पानी गांव तक पहुंच जाता है। लगभग चार से पांच घंटे तक तेज बहाव बना रहता है और उसके बाद पानी धीरे-धीरे जब पूरे क्षेत्र में फैलता तक कम होता है।



नाले की सफाई न होने से हर साल आती है आफत

ग्रामीण शिवकुमार वर्मा कहते हैं कि हर साल यही हाल होता है। हेंगहा नाले की पूरी सफाई नहीं होती, इसलिए पानी गांव में घुस आता है। अधिकारी आते हैं, देखते हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। पवन कुमार का कहना है कि रात में अचानक पानी बढ़ने लगा। बच्चों और महिलाओं को लेकर चिंता बनी रही। कई घंटे तक कोई बाहर नहीं निकल सका। अगर लगातार बारिश होती तो हालात और गंभीर हो सकते थे। तिलकराम बताते हैं कि पहाड़ी नाला गांव के लिए आफत बन गया है। पूरे नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने का काम कभी नहीं हुआ। इसी कारण हर बरसात में गांव के लोगों को जलभराव झेलना पड़ता है।


राजस्व और संबंधित विभाग की टीम से जांच कराई जा रही है। यदि नाले में अतिक्रमण या सफाई में लापरवाही मिली तो नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। राहत और बचाव कार्य के लिए राजस्व कर्मियों को सतर्क किया गया है। रिपोर्ट मांगी गई है।
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हेमंत कुमार, उप जिलाधिकारी सदर
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