हरैया सतघरवा। धोबैनिया नाले की कटान की मिट्टी ढहने से शनिवार को दो मासूम सगे भाइयों की दबकर मौत हो गई। दोनों भाई शाम चार बजे घास काटने गईं दादी के साथ गए थे। इसी दौरान मिट्टी का टीला ढहने से दोनों दब गए।
गिरगिटही गांव निवासी अकराबुल ने बताया कि उनकी 70 वर्षीय मां जैशनाज शनिवार शाम को धोबैनिया नाले के किनारे घास काटने गई थीं। आठ वर्षीय पौत्र रशीद और छह वर्षीय अरियान भी अपनी दादी के साथ चले गए। कटान के चलते मिट्टी के टीले में दरार पड़ गई थी। इसके चलते टीला अचानक ढह गया और जैशनाज, रशीद व अरियान मिट्टी से दब गए। जैशनाज ने किसी तरह मिट्टी से निकलकर शोर मचाया तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन मिट्टी हटाकर बच्चों को निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। बच्चों के शव देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। देर शाम गांव में ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुजुर्ग जैशनाज घटना के बाद से सदमे में हैं। थानाध्यक्ष हरीश सिंह का कहना है कि पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी गई।
लाडलों की मौत से गम में डूबा परिवाररशीद और अरियान घर के लाडले थे। दोनों पढ़ाई के साथ ही खेलकूद में भी आगे रहते थे। परिजन बताते हैं कि रशीद डॉक्टर बनना चाहता था। जबकि छोटा अरियान पायलट बनने का सपना देखता था। दोनों की मौत से परिवारीजन सदमे में डूब गए हैं। पिता अकराबुल की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मासूमों की मौत से गांव के लोग भी गमगीन हैं।
हर साल डराता है धोबैनिया नाला
गांववालों का कहना है कि धोबैनिया नाला हर साल कटान से तबाही मचाता है। नाले में उफान से कई बीघे जमीन पहले ही पानी में समा चुकी है। बारिश के बाद कटान और खतरनाक हो जाती है। गांव के लोग प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके।