बलरामपुर। जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई पहल शुरू किया गया है। एक फोन कॉल पर गर्भवती महिलाओं और नवजात को स्वास्थ्य संबंधी सहायता मुहैया कराने के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मातृ-शिशु कल्याण कॉल सेंटर बनाया जाएगा। कॉल सेंटर के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से गर्भवती व नवजात से संबंधित समस्या का समाधान घर बैठे मिल सकेगा।
जिले में नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। सभी सीएचसी पर महिला व बाल रोग चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में गर्भवती व नवजात को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर जिला अस्पताल या निजी क्लीनिक जाना पड़ता है। अब नई सुविधा से गर्भवती के परिजनों को सहूलियत मिलेगी। कॉल सेंटर पर कॉल करके चिकित्सक व जांच से संबंधित जानकारी आसानी से ले सकेंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर मातृ-शिशु कल्याण कॉल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन कॉल सेंटरों से आमजन आसानी से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सकेंगे। कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं व नवजात के परिजनों को प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, नवजात देखभाल, स्तनपान, परिवार नियोजन व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही लाभार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कहा कि कॉल सेंटर पर फोन करने वाले लाभार्थियों का ब्योरा जुटाकर उनसे संपर्क बनाया जाएगा, जिससे कोई भी गर्भवती महिला व नवजात आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस नई व्यवस्था से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप व स्वास्थ्य संस्थानों से बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।