बलरामपुर। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए निगरानी समितियों का गठन किया गया है। निगरानी समिति के सदस्य बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों व व्यक्तियों की विशेष निगरानी करें। घर-घर सर्वे कर कोरोना लक्षण वाले मरीजों की सूची तैयार करें। लोगों को कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए जागरुक किया जाए। कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया जाए।
जिलाधिकारी श्रुति ने बताया कि निगरानी समितियों में आंगनबाड़ी, आशा, एएनएम, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, बीट आरक्षी, लेखपाल, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, कोटेदार व सफाई कर्मी को शामिल किया गया है। निगरानी समितियों को निर्देश दिया गया है कि कोरोना टीकाकरण के लिए पात्र व्यक्तियों को प्रेरित करते हुए उनका रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर कराएं।
घर-घर जाकर कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्तियों के संबंध में सूचना तत्काल निकटतम पीएचसी व सीएचसी तथा रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) को उपलब्ध कराया जाए। कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर एवं आसपास सैनिटाइजेशन की कार्रवाई संपादित कराई जाए।
कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए तथा उनके परिवारीजनों एवं पड़ोसियों में कोरोना संबंधी लक्षण दिखने पर उसकी जानकारी तत्काल आरआरटी को दी जाए। लोगों को दोहरे मास्क के प्रयोग एवं नियमित हाथा धोने व सैनिटाइज करने के लिए जागरुक किया जाए।
बाहर से आने वाले प्रवासियों में जुकाम, बुखार, खांसी व सांस लेने में कठिनाई होने पर तत्काल इसी सूचना स्वास्थ्य केंद्रों एवं आरआरटी टीम को उपलब्ध कराई जाए। निगरानी समिति रैपिड रेस्पांस टीम के संपर्क में रहें ताकि दवा के पैकेट आदि का वितरण संबंधित मरीज को समय से उपलब्ध कराया जा सके।