बलरामपुर। जिले में बना केजीएमयू का सेटेलाइट परिसर अब मेडिकल कॉलेज बनेगा। 300 बेड के इस सेटेलाइट सेंटर से 130 बेड के संयुक्त जिला चिकित्सालय को जोड़कर इसकी क्षमता को 430 बेड युक्त किया जाएगा। इतना ही नहीं मेडिकल कॉलेज बनाने के फैसले के साथ ही इसका नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय परिसर केजीएमयू एट बलरामपुर हो गया है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में सौ सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई होगी। इसके लिए 1494 पदों को सृजित किया गया है।
सृजित पदों की नियुक्ति प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। इसमें प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट, मेडिकल आफिसर, चीफ फार्मासिस्ट, डेंटल टेक्नीशियन व फार्मासिस्ट व गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए शासन स्तर से स्वीकृति भी मिल चुकी है। पहले चरण में चिकित्सा महाविद्यालय में 884 पदों व दूसरे चरण में 610 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी होगी। जूनियर इंजीनियर व वेटनरी आफिसर के चार पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। इन सबके साथ ही डिप्टी लाइब्रेरियन, मेडिकल सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर आपरेटर व डाटा एंट्री आपरेटर के पद भी शामिल होंगे।
अभी तक जिला अस्पताल में ओपीडी के साथ नेत्र, हड्डी, मानसिक रोग, आंख- नाक- कान व गला रोग, टीबी क्लीनिक, पीकू वार्ड, बर्न वार्ड आदि से जुड़ी इलाज की सुविधाएं ही है। इससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रेफर करना पड़ता था। केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर शुरू हो जाने से इसमें संचालित 20 विभागों के माध्यम से रेडियोथेरेपी, नेत्र रोग फिजियोथेरेपी समेत अन्य विभागों के दस - दस बेड के वार्ड भी इलाज के लिए उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही मरीजों को 20 बेड के पोस्ट आपरेटिव वार्ड की सुविधा भी मिलेगी। इसमें 11 बेड आईसीसीयू, पांच बेड एसआईसीयू व चार बेड सीसीयू के होंगे।
केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर के मेडिकल कॉलेज बनने के बाद एमबीबीएस के लिए 100 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी होंगी। इसके लिए एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट, रेडिया डायगनोसिस, एनेस्थिसिया, पैथालॉजी, माइक्रोबॉयलोजी व स्त्री व प्रसूति रोग सहित कई नए विभागों का संचालन भी शुरू होगा। इन सभी विभागों में केजीएमयू लखनऊ अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों व कर्मियों की नियुक्ति करेगा।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक और प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए 30 एकड़ की भूमि तय कर दी गई। पदों पर चयन की प्रक्रिया प्राचार्य की नियुक्ति के साथ शुरू होगी। सेटेलाइट सेंटर बनकर तैयार हो गया है। वर्तमान में इसके हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है।