बलरामपुर। किसानों को अब सीधे जैविक खाद से जोड़ा जाएगा। डीएम के निर्देश पर इसके लिए पंचायत राज विभाग के स्तर पर एक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत 455 राजस्व ग्रामों के 50 हजार किसानाें को जैविक खाद योजना से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत पंचायत राज विभाग मनरेगा के बजट से खाद तैयार करने के लिए गड्ढे तैयार कराएगा।
इसके लिए गांवों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले कूड़ा निस्तारण केंद्र के गड्ढों में ही किसानों के लिए जैविक खाद बनाने की योजना संचालित होगी। इसके लिए सामुदायिक खाद गड्ढों के साथ ही व्यक्तिगत खाद गड्ढे भी तैयार किए जाएंगे ताकि किसान अनुपयोगी सामग्री से खाद तैयार कर सकें। इसके लिए तैयार गड्ढों में कांच, प्लास्टिक, लोहा इत्यादि को छोड़कर बाकी कूड़े एकत्र कर उसमें वर्मी केचुआ डाल कर खाद तैयार कराई जाएगी। इस जैविक खाद का प्रयोग किसान अपने खेतों में करने के साथ ही इसकी बिक्री कर आमदनी भी बढ़ा सकेंगे।
- जिले के 455 राजस्व ग्रामों में 82 करोड़ 27 लाख 13 हजार 152 रूपए से स्वच्छता परियोजना शुरू होनी है। इसमें जैविक खाद योजना को भी शामिल किया गया है। बलरामपुर के 74, गैंड़ास बुजुर्ग के 18, गैसड़ी के 60, हर्रैया के 68, पचपेड़वा के 55, रेहरा के 46, श्रीदत्तगंज के 33, तुलसीपुर के 70 तथा उतरौला ब्लाक के 31 ग्रामों के किसानों को जैविक खाद योजना से जोड़ने की तैयारी है। इसमें किसानों के साथ ही पंचायत के श्रमिकों को भी मनरेगा के तहत रोजगार मिलेगा।