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एमडीएम घोटाला: पुलिस ने मारे ताबड़तोड़ छापे, अब तक 44 पर एफआईआर; एक्सल शीट में इस तरह करते थे हेराफेरी

Thu, 27 Nov 2025 07:10 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर

सार

एमडीएम घोटाले में पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए अब तक 44 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। जांच में सामने आया कि आरोपी एक्सल शीट में फर्जी प्रविष्टियाँ करके राशन और फंड में हेराफेरी करते थे। 
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मिड डे मील मील में घोटाला। सांकेतिक फोटो। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में 11 करोड़ के घोटाले में आरोपी जिला समन्वयक (एमडीएम) फिरोज अहमद खान समेत पांच की गिरफ्तारी हुई है। प्रकरण में 44 नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ बुधवार को नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला की तहरीर पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पुलिस ने घोटाले के मास्टर माइंड जिला समन्वयक फिरोज अहमद निवासी बरगदवा सैफ थाना पचपेड़वा के साथ अशोक कुमार गुप्ता, प्रधानाध्यापक, निवासी बलुआ बलुई थाना कोतवाली देहात, नसीम अहमद, ग्राम प्रधान, निवासी चयपुरवा थाना गैसड़ी, मो. अहमदुल कादरी, अभिभावक समिति अध्यक्ष, निवासी मध्यनगर थाना पचपेड़वा, मलिक मुन्नवर, सहायक अध्यापक, निवासी धुसवा थाना गैड़ास बुजुर्ग को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई है।



 

कई लोगों की भूमिका संदिग्ध

जिला समन्वयक ने बताया कि आईवीआरएस पोर्टल से प्राप्त छात्र संख्या के आधार पर बनाई गई एक्सेल शीट में हेरफेर की जाती थी। जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित कुल राशि को बिना बदले, विद्यालयवार आवंटन में हेरफेर की जाती थी। 

कुछ विद्यालयों के खाते में धन बढ़ाकर भेजा जाता और उस बढ़ी धनराशि को संबंधित विद्यालय के जिम्मेदार लोग निकालकर आपस में बांट लेते थे। मामले में कई लोगों की भूमिका संदिग्ध है। धन निकासी, खातों के विश्लेषण व तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल जारी है। आगे और बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां संभावित हैं।
 

इस तरह करते थे हेराफेरी

मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्वयक (डीसी एमडीएम) फिरोज अहमद खान समेत कई लोगों ने मिलीभगत कर एमडीएम की एक्सेल शीट में हेरफेर की। 

छात्र संख्या के आधार पर निर्धारित कन्वर्जन कॉस्ट की एक्सेल फाइल डीएम द्वारा अनुमोदित तो की जाती थी, लेकिन पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड करते समय मूल फाइल को न अपलोड कर उसमें मनमाने तरीके से रकम बढ़ाई और घटाई जाती थी। 

जिन विद्यालयों के खातों में धनराशि बढ़ाकर भेजी जाती थी, वहां प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष धन निकालकर आपस में बांट लेते थे। इस हेरफेर के कारण वास्तविक विद्यालयों को उनका उचित भुगतान नहीं मिल रहा था।

 

अभी होंगी और गिरफ्तारी

एसपी विकास कुमार के निर्देश पर बुधवार को पूरी रात पुलिस टीम ने छापा मारा। एएसपी विशाल पांडेय और सीओ नगर ज्योति श्री ने पूरी कार्रवाई पर नजर रखी। 

प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह की टीम ने नार्मल तिराहा, बड़ा परेड ग्राउंड के पास से पांच को पकड़ा है। इसके बाद अभी टीम लगातार गिरफ्तारी का अभियान चला रही है। गैसड़ी और पचपेड़वा क्षेत्र में टीम छापा मार रही है। बताया जा रहा है कि अन्य कईयों के बारे में भी पुलिस को सुराग मिले हैं।
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ऐसे खुला मामला

कुछ विद्यालयों ने बीएसए से एमडीएम के कन्वर्जन कास्ट कम देने की शिकायत की। इसपर उन्होंने पीएफएमएस पोर्टल (भुगतान और प्राप्ति का लेखा-जोखा रखने वाली प्रणाली) पर दस्तावेज खंगाले, तो करीब 11 करोड़ का घोटाला सामने आया। बीएसए के अनुसार एमडीएम समन्वयक फिरोज की मदरसों और विद्यालयों से सांठगांठ मिली है।

अभी तक तीन मदरसों और चार परिषदीय विद्यालयों की संलिप्तता मिली है। आरोपियों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है। इसके साथ ही सर्व शिक्षा व समग्र शिक्षा अभियान के कुछ अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। एसपी विकास कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जरूरत के अनुसार गिरफ्तारी भी की जाएगी। यह बड़ा मामला है।
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