बलरामपुर। लॉकडाउन अवधि के एमडीएम की धनराशि अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। 24 मार्च से 30 जून तक के छात्रों का ब्योरा बीएसए डॉ. रामचंद्र ने जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ से तलब किया है। लॉकडाउन अवधि में स्कूल बंद होने के चलते एमडीएम का संचालन नहीं हो सका था।
डीसी एमडीएम फरोज अहमद खान ने बताया कि अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के निर्देश पर लॉकडाउन व ग्रीष्मकालीन अवधि को शामिल करते हुए जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों के मध्याह्न भोजन की प्रतिपूर्ति अभिभावकों के बैंक खातों में राशन व परिवर्तन लागत भेजकर की जाएगी।
24 मार्च से 31 मार्च तक भारत सरकार की तरफ से निर्धारित दर प्राथमिक विद्यालय में 4.48 रुपये प्रतिदिन और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 6.71 रुपये प्रतिदिन और एक अप्रैल से प्राथमिक विद्यालय में 4.97 रुपये प्रतिदिन व उच्च प्राथमिक विद्यालय में 7.45 रुपये प्रतिदिन के लिए स्वीकृत है। 24 मार्च से लेकर 30 जून तक रविवार व राजकीय अवकाश को छोड़कर 76 दिन होते हैं।
प्राथमिक विद्यालय में 374.29 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 561.02 रुपये परिवर्तन लागत देय है। यही धनराशि प्रत्येक अभिभावक के बैंक खाते में भेजी जाएगी। धनराशि भुगतान के लिए बीईओ की तरफ से प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध विद्यार्थियों का ब्योरा डाटा एक्सएल शीट व हार्ड कॉपी में स्कूल के हेडमास्टर को उपलब्ध कराया जाएगा। हेडमास्टर डाटा का परीक्षण करेंगे।
अभिभावकों का नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक का नाम व उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि के परीक्षण के बाद बैंक एडवाइस के साथ संबंधित बैंक खाते में भेजी जाएगी। मध्याह्न भोजन निधि खाते से अभिभावकों के खाते में डीबीटी के रूप में आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि दी जाएगी।
बीएसए ने जिला आपूर्ति अधिकारी से भी स्कूलवार ब्योरा राशन देने के संबंध में मांगा है जिससे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को एमडीएम की धनराशि भेजी जा सके।