बलरामपुर के वीर विनय चौराहे पर मंगलवार की शाम इकट्ठा हुई ताजिया।
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बलरामपुर। शिया समुदाय द्वारा मंगलवार को यौमे आशूरा का जुलूस बड़े ही गमजदा माहौल में निकाला गया। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने सीनाजनी व मातम करके गम का इजहार किया। देर शाम वीर विनय चौराहे पर आयोजित सम्मान समारोह में ताजिया, अलम व रौजा बनाने वालों को सम्मानित किया गया। देर रात तक ताजियों को कर्बला में दफन करने का सिलसिला चलता रहा।
मंगलवार को शिया समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की याद में गर्ल्स कॉलेज चौराहा स्थित शिया हाता मैदान से जुलूस निकाला। जुलूस चौक, वीर विनय चौराहा एवं आजाद पार्क तिराहा होते हुए नार्मल स्कूल के पीछे शिया कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ।
जुलूस मार्ग पर अकीदतमंदों द्वारा जगह-जगह सिन्नी, जर्दा व पुलाव आदि का वितरण भी किया गया। शाम को नगर के वीर विनय चौराहे पर नगर में रखे गए सभी ताजिया, अलम एवं रौजा को एकत्रित किया गया जिसे देखने के लिए अकीदतमंदों की भारी भीड़ जुटी।
यहीं पर शाहरुख पठान एवं अंजुमाने गुलामाने रसूल कमेटी द्वारा अलग-अलग आयोजित सम्मान समारोह में श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव एवं नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शाबान अली ने ताजिया, अलम एवं रौजा बनाने वाले सभी कारीगरों को शील्ड व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर तथा साफा पहनाकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के बाद ताजियों को देर रात तक बहराइच रोड स्थित कर्बला में दफन किया गया।
सुभाषनगर स्थित हाजी तुल्लन के इमाम बारगाह से निकले जुलूस में युवाओं ने कमा व जंजीरी मातम किया। आरएसएस व हिंदू समाज के लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों को पानी पिलाकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल पेश की।