बलरामपुर में गेंदे के फूल के खेत में खड़ा किसान।-फाइल फोटो
बलरामपुर। जिले के उतरौला ब्लॉक का टमाटर, बलरामपुर का गेंदा का फूल, रेहरा का केला व हरैया सतघरवा का मेंथा व श्रीदत्तगंज का तिन्नी चावल अब जिले की विशेष पहचान बनेंगे। एक जनपद एक उत्पाद की तर्ज पर अब एक ब्लॉक एक फसल योजना के तहत जिले के सभी नौ ब्लॉकी की विशेष फसल का खाका तैयार किया गया है। संबंधित फसलों को अलग पहचना मिलने से किसानों को आर्थिक लाभ होगा। साथ ही जिले की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
उत्पादन के आधार पर जिले को अलग पहचान देने के लिए बीते दिनों एक जनपद एक उत्पाद योजना शुरु हुई थी। इसके लिए बलरामपुर जनपद का चयन मसूर दाल के लिए किया गया था। क्योंकि बलरामपुर तराई क्षेत्र में बसा है और इस कारण यहां मसूर दाल की खेती मुख्य रूप से होती है। यहां पर मसूर दाल की पांच किस्में पाई जाती हैं। यहां की उच्च कोटि की मसूर दाल प्रदेश के दूसरे भागों के अतिरिक्त बंगाल और असम तक भेजी जाती है ।
इसी तर्ज पर अब एक ब्लॉक एक फसल योजना शुरू की गई है। हर ब्लॉक में विशेष फसल को ब्रांड देने व संबंधित किसानोंं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए संचालित योजना के तहत शासन ने प्रत्येक ब्लॉक में उत्पादित होने वाली फसल की सूची मांगी थी। इस पर जिला उद्यान कार्यालय ने बीते दिनों ही सूची शासन को भेज दी है।
इन फसलों का हुआ चयन
जिले के उतरौला ब्लॉक का टमाटर, श्रीदत्तगंज को तिन्नी चावल, बलरामपुर सदर को गेंदा तथा हरैया सतघरवा ब्लॉक का चयन मेंथा के लिए चयनित किया गया है। इसके अलावा तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा का चयन आम एवं रेहरा बाजार व गैड़ास बुजुर्ग का चयन केला की फसल के लिए किया गया है। इससे इन ब्लॉकों की पहचान प्रदेश व देश में तो होगी ही साथ ही साथ संबंधित फसलों को एक ब्रांड मिलने से इनकी बिक्री भी बढ़ेगी।
शासन को भेजी गई है सूची
एक ब्लॉक एक फसल योजना के तहत अलग-अलग ब्लॉक के उत्पादित होने वाली फसल की सूची शासन को भेज दी गई है। इससे ब्लॉक की एक अलग पहचान देश में बनेगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। - संतोष कुमार दुबे, जिला उद्यान अधिकारी