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Balrampur News: पांच चाल में 1.54 लाख की मलेरिया जांच, मरीज सिर्फ सात

Mon, 24 Apr 2023 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। दो साल से स्वास्थ्य विभाग को जिले में मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है। गत पांच वर्षो में यहां मलेरिया के कुल एक लाख 54 हजार 555 टेस्ट हुए हैं, जिसमें सिर्फ सात मरीज ही मलेरिया के मिले हैं। जबकि सात साल में मलेरिया से किसी की जान नहीं गई गई है। विभाग का दावा है कि मच्छरजनित बीमारियों को लेकर चलाए जाने वाले अभियान के कारण बीमारी का प्रसार थमा है।
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जिले के 37 अस्पतालों में रैपिड डाइग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से मलेरिया जांच होती है। इनमें 24 प्राथमिक, नौ सामुदायिक, तीन जिला अस्पताल व एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर आरडीटी किट व स्लाइड से मलेरिया की मैनुअल जांच होती है। डीएमओ राजेश पांडेय बताते हैं कि गत पांच साल में कुल एक लाख 54 हजार 555 मलेरिया जांच हुई है। 2019 में 19645 टेस्ट में चार, 2020 में 21353 जांच में दो व 2021 में 23539 जांच में कुल एक मरीज मलेरिया संक्रमित मिला है। जबकि 2022 में हुए 74285 तथा 2023 में मार्च तक हुए 15733 टेस्ट में कोई मलेरिया पॉजिटिव नहीं आया है।





विभाग में कर्मचारियों की कमी
मलेरिया विभाग में 10 पद सृजित हैं। एक डीएमओ, दो इंस्पेक्टर, एक सुपीरियर, दो इंटीरियर फील्ड वर्कर, एक ईएमओ, एक एसएलटी, एक क्लीनर व एक चपरासी का पद है। इसके सापेक्ष एक डीएमओ, दो इंस्पेक्टर व एक सुपीरियर फील्ड वर्कर मलेरिया विभाग में कार्यरत है, एक इंटीरियर फील्ड वर्कर व एक चपरासी सीएमओ कार्यालय में अटैच हैं, जबकि चार पद खाली हैं।
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मलेरिया से नहीं हुई कोई मौत
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए एक महीने संचारी व हर रविवार को मच्छर पर वार अभियान चलाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को मच्छर पनपने के कारण व इससे होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करते हैं। गत दो साल से जिले में मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है। पिछले पांच साल में यहां मलेरिया से किसी की जान नहीं गई है।
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-डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ
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