सीओ सिटी ज्याेतिश्री व प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह की मौजूदगी में फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोमल राजनीति शास्त्र से एमए की पढ़ाई कर रही थी। यह विषय ऐसा गंभीर नहीं है कि पढ़ाई का तनाव हो। अभी सात दिसंबर से ही वह निजी गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी। साथ की छात्राओं ने बताया है कि वह अंतर्मुखी थी। किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी, लेकिन किसी सोच में रहती थी।
दोनों भाइयों का रो रोकर बुरा हाल
कोमल के बड़े भाई रमन व छोटे अरविंद गुप्त का रो रोकर बुरा हाल रहा। रमन ने बताया कि चार भाई-बहन हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। उनके बाद रमन हैं। रमन के बाद कोमल थी। रमन छोटे भाई अरविंद गुप्त के साथ मेवालाल तालाब के पास किराए के कमरे में रहकर नेट की तैयारी कर रहे हैं। रमन ने बताया कि छोटा भाई अरविंद एमएलके पीजी कॉलेज में मैथ पीजी प्रथम वर्ष का छात्र है। कोमल पढ़ाई में अच्छी थी।
इन सवालों के जवाब में छिपा है आत्महत्या का राज
-शहर में दोनों भाइयों के रहने के बाद भी क्यों नहीं की उनसे कोई बात।
-राजनीति शास्त्र से परास्नातक की पढ़ाई में कैसा था तनाव।
-पारिवारिक जीवन में क्या थी युवती की स्थिति, नोटबुक में क्या कुछ लिखा।
-साथी छात्राओं से किस तरह का था व्यवहार और किसी से क्या करती थी बातचीत।
-मोबाइल से किस-किस से अब तक हुई बातचीत, चैट और फ्रेंड लिस्ट की भी होगी जांच।
-आत्महत्या से 36 घंटे पहले किन-किन लोगों से क्या-क्या हुई बात।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कोमल के मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। हर पहलू की जांच की जा रही है। कोमल से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।
मनोज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक